बजट सत्र के लिए संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि सभी राजनीतिक दल सदन को उत्तम चर्चा के साथ आगे बढ़ाने का काम करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से बात हुई है ताकि बजट पर विस्तार से चर्चा हो।
उधर, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, 'हम हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है। सरकार के पास कुछ छिपाने या किसी चीज को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।'
सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण होगा। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करेंगे। इसके बाद मोदी सरकार सदन में आर्थिक सर्वेक्षण 2017 पेश करेगी।
हालांकि बजट सत्र के भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। बजट सत्र के लिए अपनी रणनीति बनाने को लेकर कांग्रेस पार्टी संसद में आज 9.30 बजे बैठक करेगी।
ऐसा पहली बार होगा जब राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी। आर्थिक सर्वे को देश की अर्थव्यवस्था का आईना माना जाता है। हालांकि इस साल रेल बजट अलग से पेश नहीं किया जा रहा, बल्कि यह आम बजट का हिस्सा होगा।
नोटबंदी और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बार के बजट पर आम और खास सभी की निगाहें लगी हुई हैं।
बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार
बजट सत्र का पहला हिस्सा 31 जनवरी से 9 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 12 अप्रैल तक होगा।
दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां सत्र के दौरान सरकार को घेरने की तैयारी कर रही हैं। कई दल बजट को चुनाव से पहले पेश किए जाने का विरोध कर रहे हैं। सत्र के दौरान नोटबंदी का मुद्दा भी जोरशोर से उठेगा।
तृणमूल कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 32 सांसद बजट सत्र के पहले 2 दिनों का बहिष्कार करेंगे। पार्टी नोटबंदी के अलावा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में उसके 2 सांसदों की गिरफ्तारी का विरोध कर रही है।