स्वदेश दर्शन के तहत पर्यटन विकास के लिए करोड़ों की परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इस योजना के जरिये देश के सभी तीर्थ स्थलों पर परिवहन, आर्थिक स्थिति, रोजगार और भोजन आदि आवश्यक चीजों पर ध्यान दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत पर्यटन क्षमता वाली जगहों को योजनाबद्ध तरीके और प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। साथ ही उस क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन भी किया जाएगा।
इन पर्यटन स्थलों को बढ़ावा : स्वदेश दर्शन योजना में जिन सर्किटों की फिलहाल पहचान की गई, उनमें बौद्ध तीर्थ स्थल, 5 राज्यों के 12 जगहों पर कृष्ण तीर्थ स्थल, रामायण सर्किट, सूफी परंपरा को कायम रखने वाले पर्यटन स्थल, जैन तीर्थ स्थल, आध्यात्मिक सर्किट हैं, जिनमें सात राज्य शामिल हैं। इन्हें पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा नार्थ ईस्ट सर्किट, ईको सर्किट, ट्राइबल सर्किट, हेरिटेज सर्किट, वाइल्ड लाइफ सर्किट के संभावित पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
हरित प्रगति के लिए तय किए गए ये पायदान...
पर्यावरण संरक्षण, परंपरागत खेती, प्रदूषण की रोकथाम, ऊर्जा आत्मनिर्भरता जैसे लक्ष्य हासिल करने में मिलेगी मदद
बजट के सप्तऋषि यानी प्राथमिकता वाले सात क्षेत्रों में हरित प्रगति पांचवें स्थान पर है। इसके जरिये पीएम मोदी के विजन 'लाइफ' यानी 'पर्यावरण अनुरूप जीवन जीने की शैली' पर सरकार ने बताया है वह क्या करने जा रही है। जानिए इस हरित प्रगति के तहत क्या क्या होगा, क्या फायदा मिलेगा।
ऊर्ज भंडारण
यह होगा : 4 हजार मेगावॉट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली बनाना। इसके लिए फंडिंग जुटाई जाएगी। पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए भी फ्रेमवर्क बनेगा। ऐसी परियोजनाएं उस वक्त बिजली भंडारण में मदद करती हैं, जब उत्पादन ज्यादा हो, मांग कम।
फायदा : देश की अर्थव्यवस्था को सतत विकास के रास्ते पर लाने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा के नए उभरते क्षेत्रों में सिरमौर बनेगा देश
बजट : 19,700 करोड़ रुपये
यह होगा : साल 2030 तक भारत हर साल 50 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करने लगेगा।
फायदा : अर्थव्यवस्था को कम कार्बन उत्सर्जित करने वाली अर्थव्यवस्था में बदलना, जीवाश्म ईंधन आयात घटाना और ऊर्जा के नए उभरते क्षेत्रों व तकनीकों के बाजार में देश को सिरमौर बनाना।
ऊर्जा परिवर्तन : प्राथमिकता के आधार पर पूंजीगत निवेश
बजट : 35,000 करोड़ रुपये
यह होगा : आज उपयोग हो रही ऊर्जा के स्वरूप में बदलाव के लिए प्राथमिकता के आधार पर पूंजीगत निवेश।
फायदा : कार्बन उत्सर्जन शून्य करने में मदद और इससे सरकार ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने की ओर आगे बढ़ सकेगी।
ग्रीन क्रेडिट में दे सकेंगे योगदान
यह होगा : पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम बनाया गया था, यह भी पर्यावरण संरक्षण में मदद देगा।
फायदा : हरियाली बढ़ाने में कंपनियां, शहरी निकाय, समुदाय और खुद नागरिक भी योगदान देंगे, जिसकी एवज उन्हें सरकार से मदद मिलेगी।
उम्मीद: लीथीयम बैटरियां सस्ती होने से ई-वाहन के दाम घटेंगे। महंगे पेट्रोल से परेशान जनता ई-वाहनों की ओर आकर्षित होगी।
यह मिला: पर्यटन के लिए किए गए आवंटन से तीर्थस्थलों में परिवहन, आर्थिक स्थिति, रोजगार और होटल के मौके।