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Union Budget 2021: अगर आप आम करदाता हैं तो बजट में आपके लिए क्या?

Mon, 01 Feb 2021 02:12 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बजट 2021: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 201-22 पेश कर दिया है। अगर आप आयकरदाता हैं और जानना चाहते हैं कि इस बजट में आपको क्या मिला और क्या नहीं तो बुलेट पॉइंट्स में यह खबर खास आपके लिए ही तैयार की गई है। 

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आम करदाता को कोई राहत नहीं

केंद्रीय बजट में इस बार आम करदाता को कोई राहत नहीं दी गई है। उन्हें पिछली बार जारी हुए टैक्स स्लैब के आधार पर ही कर चुकाना होगा। बता दें कि इस वक्त ढाई लाख रुपये की तक आय इनकम टैक्स के दायरे से बाहर है। 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसदी, पांच से साढ़े सात लाख रुपये तक की आय पर 10 फीसदी और साढ़े सात लाख से 10 लाख रुपये पर 15 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। वहीं, 10 लाख से 12.5 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी, 12.5 से 15 लाख रुपये की आय पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 फीसदी कर का प्रावधान है।

75 साल से ज्यादा उम्र वालों को राहत का मतलब क्या?

सरकार ने एलान किया है कि 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को आईटीआर नहीं भरना पड़ेगा। हम आपको समझाते हैं कि इसका मतलब क्या है? दरअसल, अधिकतर लोग मान रहे हैं कि अब 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टैक्स नहीं भरना होगा, जबकि ऐसा नहीं है। सरकार के इस नियम के दायरे में 75 साल से ज्यादा उम्र के सिर्फ वही लोग आएंगे, जिनकी इनकम का आधार पेंशन या एफडी समेत अन्य माध्यमों से मिलने वाला ब्याज है। ऐसे लोगों को सिर्फ आईटीआर नहीं भरना होगा। पहले की तरह बैंक में ही उनका टीडीएस कट जाएगा। अगर आय का माध्यम कुछ और है, मसलन कारोबार आदि है तो आईटीआर भी फाइल करना होगा। 

टैक्स रिअसेसमेंट में राहत

अब तक टैक्स रिअसेसमेंट छह साल और गंभीर मामलों में 10 साल बाद भी केस खोले जा सकते थे। ऐसे मामलों के चक्कर में आयकरदाता को छह से 10 साल तक सभी कागजात संभालकर रखने पड़ते थे। अब टैक्स रिअसेसमेंट घटाकर 3 साल कर दिया गया है। अगर गंभीर मामलों में एक साल में 50 लाख से ज्यादा की इनकम छिपाने की बात होगी, तभी 10 साल तक केस खोले जा सकेंगे। हालांकि, उसके लिए कमिश्नर से मंजूरी लेनी होगी। 

अलग से डाटा जुटाने से भी राहत

नौकरीपेशा लोगों को सरकार ने थोड़ी राहत दी है। दरअसल, अब तक आईटीआर भरते वक्त नौकरीपेशा लोगों को फॉर्म 16ए के अलावा एफडी समेत अन्य माध्यमों में निवेश से मिलने वाले ब्याज की डिटेल अलग से देनी पड़ती थी। अब ऐसा नहीं होगा। फॉर्म 16ए में इनकी जानकारी पहले से होगी, जिससे आयकरदाता को अलग से डाटा नहीं जुटाना पड़ेगा।

डिविडेंट पेमेंट पर नहीं लगेगा टीडीएस

वित्त मंत्री ने कहा कि सभी के लिए घर हमारी प्राथमिकता है। अब तक होम लोन पर ब्याज में 1.5 लाख रुपये की कटौती का प्रावधान था। अब किफायती घर के लिए ब्याज में 1.5 लाख रुपये की एक्स्ट्रा छूट 31 मार्च 2022 तक मिलेगी।

अलग डाटा जुटाने से भी राहत

नौकरीपेशा लोगों को सरकार ने थोड़ी राहत दी है। दरअसल, अब तक आईटीआर भरते वक्त नौकरीपेशा लोगों को फॉर्म 16ए के अलावा एफडी समेत अन्य माध्यमों में निवेश से मिलने वाले ब्याज की डिटेल अलग से देनी पड़ती थी। अब ऐसा नहीं होगा। फॉर्म 16ए में इनकी जानकारी पहले से होगी, जिससे आयकरदाता को अलग से डाटा नहीं जुटाना पड़ेगा।

एनआरआई को मिली छूट

केंद्रीय बजट में विदेश में रहने वाले भारतीयों यानी एनआरआई को राहत दी गई है। दरअसल, उन्हें डबल टैक्स से जूझना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने उन्हें राहत देने का एलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि एनआरआई को टैक्स भरने में काफी दिक्कत होती थी। ऐसे में उन्हें डबल टैक्स से राहत दी जा रही है।

स्टार्टअप में टैक्स की छूट बढ़ी

स्टार्टअप के दौरान टैक्स जमा करने को लेकर सरकार ने राहत दे रखी है। अब सरकार ने इसकी समय सीमा 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी है। 

सरकार ने किए ये बड़े एलान

करदाताओं को राहत देने के मकसद से वित्त मंत्री ने फेसलेस समिति बनाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि मैं एक विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। 50 लाख रुपये तक की टैक्स योग्य इनकम वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले लोग इस समिति के पास जा सकते हैं। इसके लिए सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स संबंधित मामले सुलझाने के लिए बनी विवाद से विश्वास समिति का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इसमें अब छोटे कारोबारियों को भी जोड़ा जाएगा।
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कॉर्पोरेट टैक्स दुनिया में सबसे कम

सरकार ने बताया कि देश में आयकरदाताओं की संख्या बढ़ी है। वहीं, भारत में कॉर्पोरेट टैक्स पूरी दुनिया में सबसे कम है। 
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