आगामी बजट से पूर्व वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों ने सरकार से कहा कि वह बजट में स्टार्टअप्स के लिए विशेष फंडिंग और विनिर्माण क्षेत्र की मदद के लिए प्रोत्साहन-आधारित कर्ज मुहैया कराने जैसे उपायों पर जोर दे। धीमी हो रही अर्थव्यवस्था को गति देने के उपायों को लेकर उद्योग जगत की बढ़ी उम्मीदों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई यानी शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी।
सैनिटरीवेयर उद्योग ने सरकार से उत्पाद की लागत कम करने के लिए जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी करने और स्वच्छता को प्रोत्साहित करने की मांग की है। सैनिटरीवेयर विनिर्माताओं को उम्मीद है कि आम बजट से जीएसटी परिषद के लिए उपाय करने का रास्ता निकलेगा।
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वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) ने सरकार से विशेष रूप से एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) क्षेत्र में नकदी की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने की अपील की। नकदी की स्थिति में सुधार से वाहन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल सकता है। संगठन ने कहा कि हर महीने वाहनों की बिक्री लगातार घट रही है। इस कारण कई डीलरशिप बंद हो चुकी हैं।
वित्त मंत्रालय को लिखे पत्र में सियाम ने सरकार से तत्काल इस मामले पर गौर करने और उचित कदम उठाने का आग्रह किया है ताकि सिस्टम में नकदी का प्रवाह सुनिश्चित हो सके। इससे नए वाहनों की बिक्री को भी रफ्तार मिलेगी। वाहन वित्तपोषण क्षेत्र में एनबीएफसी की बड़ी हिस्सेदारी है।