जयपुर के एक बीटेक छात्र अमन कुंतल ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है जिसके माध्यम से सेना के टैंक बिना किसी ड्राइवर सैनिक के दुश्मनों का खात्मा करेंगे। टैंक दुश्मनों के इलाके में बिना किसी सैनिक की सहायता के घुसकर उनको तबाह करके सुरक्षित वापस भी आ जाएंगे और उन्हें किसी तरह का नुकसान भी नहीं होगा।
अगर बीच में किसी तरह उनके ऊपर हमला करने की कोशिश की गई तो वे अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगे। अगर ये टैंक अस्तित्व में आ जाता है तो देश की सुरक्षा का एक बड़ा मसला हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। फिलहाल, सेना से इस सॉफ्टवेयर को बनाने वाले छात्र अमन को मदद दिये जाने का आश्वासन मिला है।
जयपुर के एसकेआईटी कॉलेज से बीटेक प्रथम वर्ष (आईटी) की पढ़ाई कर रहे अमन कुंतल ने अमर उजाला को बताया कि जब वे नवीं कक्षा में थे, उसी समय से वे इस मामले पर रिसर्च कर रहे थे। अब उन्होंने ऐसा सॉफ्टवेयर बना लिया है जो देश की सेनाओं के काम आ सकता है।
सेनाध्यक्ष को लिखा मेल
अमन ने कहा कि उनका यह रिसर्च कुछ दिनों पहले ही पूरा हुआ है। इसके बाद इसी महीने सात जनवरी को सेनाध्यक्ष विपिन रावत को इसके बारे में ईमेल लिखकर जानकारी दी थी। इसके बाद आर्मी डिजाइन ब्यूरो ने उनसे संपर्क किया और उनसे अपना प्रोजेक्ट दिखाने को कहा। अमन के मुताबिक ब्यूरो ने उनके इस प्रोजेक्ट की सराहना की है और उन्हें इसका एक मॉडल दिखाने के लिए कहा है।
अमन के सामने सबसे बड़ी समस्या एक टैंक के मॉडल को तैयार करने की है। जाहिर है कि इसकी कीमत काफी अधिक होगी जिसे वहन करना अकेले उनके वश की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
मध्यवर्गीय परिवार से हैं अमन
अमन कुंतल एक मध्यवर्गीय परिवार से आते हैं। वे मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता मेहताब सिंह एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव हैं। सामान्य परिवार में पैदा हुए अमन का सपना एक वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा करना है।