छत्तीसगढ़ में अजित जोगी से गठजोड़ के बावजूद बसपा का मानना है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस के साथ उसके तालमेल के विकल्प अब भी खुले हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी हमने सिर्फ छत्तीसगढ़ पर फैसला लिया है। मध्य प्रदेश में केवल 22 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर करता है कि वह कितनी जल्दी फैसले लेती है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी विधानसभा के चुनाव हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव तक हालात क्या होंगे, कहना कठिन है। सबको बड़ा दिल करके सोचना होगा तभी बात बनेगी। कर्नाटक चुनाव में मायावती और सोनिया गांधी की गले मिलने की तस्वीरों से दोनों दलों के करीब आने का आभास हुआ था, लेकिन कांग्रेस के लगातार ढीले रवैये से मायावती नाराज हैं। मध्य प्रदेश में 47 फीसदी अनुसूचित जनजाति, 35 फीसदी अनुसूचित जाति के वोटर हैं। इस हिसाब से प्रदेश प्रभारी सुखदेव राजभर ने पहली सूची में 22 नामों की घोषणा की है।