अमरोहा से बसपा सांसद दानिश अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के रुके हुए फंड जारी कराने की मांग की है। गुरुवार को पीएम को लिखे पत्र में सांसद ने कहा है कि जामिया विश्वविद्यालय अपनी शिक्षा के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त करने में सफल रहा है। संस्था ने पूरी दुनिया में भारत का नाम ऊंचा किया है। फंड की कमी के कारण विश्वविद्यालय इस वर्ष अब तक अपने यहां एडहॉक शिक्षकों की भर्ती तक नहीं कर सका है। इससे यहां के पीएचडी छात्रों के शोध और संस्था की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित होगी।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उन्हें संबोधित करते हुए सांसद दानिश अली ने कहा है कि विश्वविद्यालय के सामने 1925 में आर्थिक समस्या खड़ी हो गई थी। इससे संस्थान के बंद होने तक का खतरा हो गया था। लेकिन इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने संस्था के प्रमुख अधिकारी हकीम अजमल खान से कहा था कि वे भीख मांग लेंगे, लेकिन जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय बंद नहीं होना चाहिए। गांधी के इसी संदर्भ को याद कराते हुए बसपा सांसद ने कहा है कि जामिया के लिए तत्काल फंड जारी करने के लिए संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे विश्वविद्यालयों को विशेष फंड दिये जाने की परंपरा रही है, जो अपनी स्थापना का सौवां वर्ष पूरा करते रहे हैं। लेकिन इस बार जबकि जामिया विश्वविद्यालय अपनी स्थापना का 100वां वर्ष मना रहा है, इसके लिए इस तरह का कोई विशेष फंड जारी नहीं किया गया। इसके पूर्व जामिया के शिक्षकों ने भी एक पत्र लिखकर संस्थान के लिए फंड जारी करने की अपील कर चुके हैं, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।