प्रदेश सरकार के पूर्व केबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के निशाने पर अब बसपा ही है।
जन अधिकार मंच की जनसंपर्क यात्रा लेकर सोमवार को दोपहर यहां पहुंचे कुशवाहा ने कहा कि बसपा के शीर्ष लोगों ने एनआरएचएम घोटाले में उनका नाम घसीटकर उनकी राजनीतिक हत्या की साजिश रची और परिवार कल्याण विभाग के दो डाक्टरों के हत्यारों को बचाने के लिए ऐसा किया गया, क्योंकि वह तत्कालीन सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे थे।
शहर के संजय कम्यूनिटी हाल में आयोजित मंच के सम्मेलन में कुशवाहा ने सफाई देते हुए कहा कि एनआरएचएम से उनका कोई वास्ता नहीं रहा। न तो उन्होंने इससे जुड़ी किसी फाइल पर कभी हस्ताक्षर ही किए, न ही इसके बारे में कोई निर्देश ही जारी किए फिर भी उनको जेल भिजवा दिया गया।