सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल अपनी संपत्तियां बेचने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के साथ बातचीत कर रहा है। दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि बीएसएनएल 2020 में संपत्तियां बेचकर करीब 300 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। अधिकारी ने बताया कि दूरसंचार विभाग वित्त मंत्रालय के सुझावों पर काम कर रहा है, जिसमें सॉवरेन गारंटी बॉन्ड जारी करने की भी योजना है। यह बॉन्ड इस साल फरवरी की शुरुआत में जारी हो सकता है।
बीएसएनएल और एमटीएनएल में चल रही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति बेहद सफल रही है और इससे बीएसएनएल का वेतन पर खर्च जहां 50 फीसदी घट जाएगा, वहीं एमटीएनएल को 75 फीसदी की बचत होगी। दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने कहा कि सरकार कंपनी के 15,000 करोड़ के बॉन्ड पर सॉवरेन गारंटी देगी। इसका मतलब है कि अगर किसी कारण से कंपनी दिवालिया हो जाती है, तो भी निवेशकों को परिपक्वता अवधि के बाद पूरा भुगतान किया जाएगा। इस बाबत वित्त मंत्रालय को पत्र लिखा है और वहां से अनुमति मिलते ही बॉन्ड जारी कर दिया जाएगा।
दीपम कर रहा संपत्ति की पहचान
वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) बिक्री के लिए बीएसएनएल की संपत्तियों को चिन्हित कर रहा है। इनके विनिवेश के लिए कंपनी सीबीएसई सहित कई संस्थानों से मोलभाव कर रही है। पिछले 10 में से 9 साल घाटे में रही बीएसएनएल और एमटीएनएल अगले तीन वर्षों में 37,500 करोड़ रुपये विनिवेश से जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं।