बीएसएफ त्रिपुरा में लागू करेगी खास मॉडल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक लेनदेन और बड़े निर्माण एवं प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के मामलों पर पैनी नजर रहेगी। पांच वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जांच होगी। त्रिपुरा में सबसे पहले सीसीटीवी मॉडल लागू किया जाएगा। गृह मंत्री शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा कोई आइसोलेटेड ड्यूटी नहीं, बल्कि टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, पटवारी, सरपंच, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सीमा सुरक्षा बल मिलकर एक फुल-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करेगा।
शाह ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में होने वाले वित्तीय लेनदेन, बड़े भवनों के निर्माण और संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने पिछले पांच वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराने का भी निर्देश दिया। गृह मंत्री ने मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि ड्रग्स तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए।
नारकोटिक्स की चुनौती से निपटने की ट्रेनिंग
शाह ने कहा कि सिर्फ फेंसिंग ही नहीं, बल्कि टोटल टेरिटोरियल डिफेंस की अवधारणा पर काम करना होगा। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और बीएसएफ मिलकर एक फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड बनाएँगे। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा पर रहने वाले लोगों को हथियारों और नारकोटिक्स की चुनौती से निपटने की ट्रेनिंग देने के लिए कैंप आयोजित किए जाएं। इन कैंपों में पटवारी से लेकर स्थानीय थाने और बीएसएफ जवानों तक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। गृह मंत्रालय के सीसीटीवी मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू किया जाए। बीएसएफ के सभी कैमरों को अपग्रेड कर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से जोड़ा जाए।
जीएसटी अधिकारियों के प्रशिक्षण पर जोर
बॉर्डर एरिया में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ सघन अभियान निरंतर चलाना होगा। नशे के कारोबार में योगदान देने वाली पूरी चेन के विरुद्ध रूथलेस अप्रोच के साथ कार्रवाई की जाए। सरहदी जिलों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि कलेक्टरों और जीएसटी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाए। फेक करेंसी के विरुद्ध केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड सर्वे कराए।
बैठक में सभी सीमावर्ती जिलों के अफसर रहे मौजूद
बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे त्रिपुरा के सीमावर्ती जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के सभी आठ सीमावर्ती जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।