बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता ए के आर्य, डीआई-जी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश के दक्षिण बंगाल सीमांत के तहत सीमा चौकी महादीपुर (जिला मालदा), 70वीं वाहिनी के जवानों ने हथियारों की तस्करी को नाकाम कर दिया।
भारत-बांग्लादेेश की सीमा पर बीएसएफ ने हथियारों की तस्करी को नाकाम करते हुए हथियार और कारतूस जब्त किए। हालांकि, तस्कर झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहें। बीएसएफ ने क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया।
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बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता ए के आर्य, डीआई-जी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश के दक्षिण बंगाल सीमांत के तहत सीमा चौकी महादीपुर (जिला मालदा), 70वीं वाहिनी के जवानों ने हथियारों की तस्करी को नाकाम कर दिया। तस्कर मंगलवार को दो पिस्टल (एमएम 7.62), चार मैगज़ीन और 12 जिंदा कारतूस (7.62 एमएम) जब्त किए। वह इन हथियारों को भारत से बांग्लादेश में पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।
ड्यूटी पर तैनात जवानों ने सीमा के नजदीक तस्करों की संदिग्ध गतिविधि देखी। तस्कर लगातार सीमा की तरफ बढ़ रहे थे। उसी समय जवानों ने उन्हें रुकने के लिए कहा लेकिन तस्कर रुकने की बजाए वापस भारतीय गांव की तरफ भाग गए। जवानों ने उनका का पीछा भी किया लेकिन वे गहरी झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग निकले। इसके बाद जवानों ने इलाके की गहन तलाशी की तो मौके से उक्त हथियार और एम्युनिशन बरामद हुआ। जब्त किए गए हथियारों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना इंग्लिश बाजार, मालदा को सौंपा गया।
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बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता ए के आर्य, डीआई-जी ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ अपनी जिम्मेदारी क्षेत्र से तस्करी को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।