सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 23वें अलंकरण समारोह एवं रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के निमंत्रण कार्ड बांटने के लिए इस बार राजपत्रित अधिकारी, जिनमें डीआईजी और कमांडेंट शामिल हैं, की ड्यूटी लगाई गई है। बीएसएफ अफसरों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब कार्ड वितरित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को लगाया गया है। इससे पहले निमंत्रण पत्र देने की जिम्मेदारी, इंस्पेक्टर एवं उससे नीचे के कार्मिकों को सौंपी जाती थी।
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बीएसएफ रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान, सीमा सुरक्षा बल द्वारा अपने संस्थापक और पहले महानिदेशक पद्म विभूषण केएफ रुस्तमजी के सम्मान में होने वाला प्रतिष्ठित वार्षिक व्याख्यान है। इस अवसर पर जवानों और अफसरों को विभिन्न पदकों से सम्मानित किया जाता है। इस बार 22 मई को यह समारोह आयोजित किया जा रहा है।
मेहमानों के घरों तक पहुंच रहे हैं अफसर
समारोह के निमंत्रण पत्र वितरित करने के लिए बीएसएफ के डीआईजी और कमांडेंट स्तर के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। कार्ड वितरित करने का काम बीएसएफ के 31 राजपत्रित अधिकारियों को सौंपा गया है।
सीआरपीएफ में पांच अफसरों का तबादला
सीआरपीएफ में पांच कैडर अफसरों का तबादला चर्चा में है। बल के पूर्व कैडर अफसरों का आरोप है कि सीआरपीएफ महानिदेशालय उन कैडर अफसरों और जवानों को टारगेट कर रहा है, जिनके परिजनों ने सीएपीएफ के नए कानून के विरोध में और लंबित पड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। जिन पांच कैडर अफसरों को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का आदेश दिया गया है, उनमें कमांडेंट आलोक श्रीवास्तव को त्रिपुरा और श्रीराम मीणा को कर्नाटक भेजा गया है। टूआईसी प्रमोद चौधरी, दीपेंद्र राजपूत और नरेंद्र यादव का मणिपुर में तबादला किया है। महानिदेशालय तर्क दिया है कि तबादले प्रशासनिक कारणों से किए गए हैं।