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बीएसएफ ने मानव तस्करों के चंगुल से दो बांग्लादेशी युवतियों को छुड़ाया, अवैध तरीके से पार कराई थी सीमा

Wed, 19 Aug 2020 08:34 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीमा सुरक्षा बल को यह खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर सीमा पार से युवतियों को लाने की योजना बना रहे हैं। इसी आधार पर बीएसएफ ने सीमा पर एक विशेष खोज टीम गठित कर दी...
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BSF RESCUED 02 BANGLADESHI YOUNG WOMEN FROM THE CLUTCHES OF HUMAN TRAFFICKERS - फोटो : BSF
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विस्तार
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बीएसएफ ने मानव तस्करों के चंगुल से दो बांग्लादेशी युवतियों को छुड़ाया है। दोनों युवतियों को भारत में काम दिलाने के नाम पर तस्करों ने अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराई थी। यह घटना मंगलवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती क्षेत्र की सीमा चौकी, रनघाट के निकट हुई थी।

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सीमा सुरक्षा बल को यह खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर सीमा पार से युवतियों को लाने की योजना बना रहे हैं। इसी आधार पर बीएसएफ ने सीमा पर एक विशेष खोज टीम गठित कर दी। मंगलवार को रात आठ बजे जब बीएसएफ के मुस्तैद जवान बैठे थे, तो उन्हें एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। इस पर तीन लोग बैठे थे।

निकट आए तो मालूम हुआ कि बाइक पर दो महिलाएं भी बैठी हैं। संदिग्ध हरकतों के चलते उन्हें रूकने का इशारा किया गया। चूंकि आगे जाने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए मोटरसाइकिल सवार और उसके साथ बैठी दोनों महिलाएं पीछे की तरफ भागने लगीं। पीछा करने पर जवानों ने दोनों महिलाओं को पकड़ लिया।

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मोटरसाइकिल सवार अंधेरे तथा झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पकड़ी गई महिलाओं में एक ने अपनी उम्र 24 वर्ष बताई है। उसने बताया कि वह विधवा है और जिला कोमिला, बांग्लादेश की रहने वाली है। दूसरी महिला ने अपनी उम्र 19 वर्ष तथा घर जिला-नरसिंग्डी, बांग्लादेश बताया है।

महिलाओं से 6537 रुपये नकद (भारतीय रुपये), एक मोबाइल फोन तथा एक आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। आधार कार्ड के अनुसार मोटरसाइकिल चालक की पहचान तमीज मंडल (उम्र 19) पुत्र सिराजुल इस्लाम मंडल, कुलिया,  रणघाट, जिला 24 परगना नॉर्थ, पश्चिम बंगाल के तौर पर हुई है।
 

पूछताछ के दौरान पकड़ी गई युवतियों ने यह खुलासा किया कि दोनों ने गरीबी के कारण भारत में रोजगार पाने के लिए ये योजना बनाई थी। उनके रिश्तेदार उन्हें एक दिन पहले बांग्लादेश में अज्ञात दलाल जो कि सीमा के पास रहता है, उसके घर लेकर आए। उस दलाल ने भारत में रहने वाले एक दूसरे दलाल जिसका नाम मोहम्मद रहमान दफादार है, उससे टेलीफोन पर बात कराई।

भारत में मौजूद दलाल ने बताया कि वह दोनों युवतियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करा देगा। वहां एक युवक मोटरसाइकिल पर मिलेगा। वह इन दोनों को बनगांव ले जाएगा। पकड़ी गई महिलाओं ने खुलासा किया है कि उन्हें वह युवक किसी अज्ञात भारतीय दलाल के पास बनगांव ले जाया जा रहा था।

उन्हें ब्यूटी पार्लर में काम करने का आश्वासन दिया गया था। बीएसएफ के अनुसार, ज्यादातर मानव तस्करी के मामलों में अकसर यह पाया गया है कि भोली भाली, अनपढ़ व गरीब लड़कियों को मानव तस्करी में लिप्त दलाल ब्यूटी पार्लर में नौकरी देने का झांसा देकर अकसर देह व्यापार में झोंक देते हैं।

इस मामले में सीमा सुरक्षा बल के मुस्तैद जवानों द्वारा ड्यूटी में दिखाई गई तत्परता के कारण दोनों बांग्लादेशी युवतियों को मानव तस्करी के जाल में फंसने से पहले, सही वक्त पर मुक्त करा दिया गया। पिछले एक महीने में यह मानव तस्करी का छठा मामला पकड़ा गया है।

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