भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने तस्करों की अवैध सीमा पार की तीन कोशिशों को नाकाम कर दिया। बीएसएफ ने तस्करों के चंगुल से 19 मवेशियों को छुड़ाया है। बीएसएफ की महिला प्रहरी के अदम्य साहस के चलते तस्करों को मवेशियों को छोड़कर भागना पड़ा।
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के पास अग्रिम पंक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। महिला प्रहरी और जवानों ने सीमा पर सतर्कता और कड़ी निगरानी से अवैध सीमा पार की तीन विभिन्न कोशिशों को नाकाम करते हुए 19 मवेशियों को तस्कर के चंगुल से बचा कर तस्करी के प्रयासों को विफल कर दिया।
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दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, घटना भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा (जिला मालदा) पर गुरुवार सुबह सीमा चौकी आर के वाधवा की है। रात की दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी पर तैनात महिला प्रहरी ने कुछ भारतीय तस्करों को पशुओं के साथ रात के अंधेरे में देखा। महिला प्रहरी ने तुरंत ड्यूटी पर तैनात अपने अन्य साथियों को सतर्क किया और तस्करों की ओर बढ़ी। अदम्य साहस का परिचय देते हुए महिला सीमा रक्षक ने बढ़ते हुए तस्करों के सम्मुख चुनौती दी। तस्कर ने चेतावनी को नजरअंदाज कर आक्रामक रूप से आगे बढ़ना जारी रखा।
फायरिंग की आवाज सुनकर भागे तस्कर
स्थिति की गंभीरता को भांप और अन्य विकल्प न देख, महिला प्रहरी ने तुरंत ही पीएजी का फायर किया। महिला प्रहरी द्वारा की गई फायरिंग की आवाज सुन तस्कर घबरा गए और पशु छोड़ कर अंधेरे का फायदा उठाकर भारत की ओर भाग निकले। घटना के बाद क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जिसमें आठ मवेशी घटना क्षेत्र से बरामद किए गए।
मालदा क्षेत्र में तस्करों से छुड़ाए 11 पशु
इसी तरह से मालदा क्षेत्र की अन्य दो घटनाओं में, 88वीं वाहिनी की सीमा चौकी हरीनाथपुर और 71वीं वाहिनी की सीमा चौकी पिरोजपुर के बहादुर सीमा रक्षकों ने तस्करी के प्रयास को विफल कर 11 पशुओं को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया।