देश की सीमा की रखवाली करने वाले बीएसएफ के जवान गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल नहीं किए जाने से नाराज हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले साल 26 जनवरी को परेड में शामिल नहीं करने को लेकर उन्होंने सोमवार को विरोध जताया।
गृह मंत्रालय ने सिर्फ बीएसएफ के ऊंटों की टुकड़ी और ऊंटों वाली बैंड टीम को ही परेड में शामिल होने की अनुमति दी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ ने इस मुद्दे को गृह मंत्रालय के सामने उठाया है और उसे इस पर फिर से विचार करने के लिए कहा है।
बीएसएफ के करीब 2.5 लाख जवान भारत में आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा के अलावा बीएसएफ के जवान देश की आतंरिक सुरक्षा को भी पुख्ता करने में वे जुटे हुए हैं।
पिछले साल सीएपीएफ (सेंट्रल आर्मड पुलिस फोर्स) और सीआरपीएफ को 26 जनवरी की परेड से बाहर रखा गया था। जबकि आईटीबीपी, सशस्त्र सीमा बल और बीएसएफ ने इस परेड में हिस्सा लिया था।