बीएसएफ ने कई अन्य एजेंसियों के साथ सीमा से 50 किमी भीतर तक के क्षेत्रों की पहचान की। यहां की भौगोलिक स्थितियों, मौजूदा ढांचों आदि का लेखा-जोखा बनाया। सैनिकों के रुकने के स्थान, चौकियां बनाने, जवानों व सैन्य तंत्र के लिए जरूरी सुविधाओं व जरूरतों की पहचान की गई।
देश की सीमाओं से 50 किमी की भीतर तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का क्षेत्राधिकार बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले राज्यों में बीएसएफ को सैन्य संचालन तंत्र के लिए जरूरी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है। सूत्रों के अनुसार इसे गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा, जहां सहमति मिलने पर जरूरी निर्माण व बदलाव लागू होंगे।
विज्ञापन
इसे बनाने के लिए बीएसएफ ने कई अन्य एजेंसियों के साथ सीमा से 50 किमी भीतर तक के क्षेत्रों की पहचान की। यहां की भौगोलिक स्थितियों, मौजूदा ढांचों आदि का लेखा-जोखा बनाया। सैनिकों के रुकने के स्थान, चौकियां बनाने, जवानों व सैन्य तंत्र के लिए जरूरी सुविधाओं व जरूरतों की पहचान की गई।
उल्लेखनीय है कि नया नोटिफिकेशन आने के बाद बीते कुछ महीनों से हर कदम के बारे में राज्यों की पुलिस को सूचित कर जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।
तथ्य और नए नियम
देश की 6,300 किमी सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है।
यह सीमाएं पश्चिम में पाकिस्तान व पूर्व में बांग्लादेश से लगी हुई हैं।
अक्तूबर 2021 में केंद्र ने नया नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों पर बीएसएफ के सैनिकों व अधिकारियों को जुलाई 2014 में ज्यादा अधिकार दिए गए।
पंजाब, पश्चिम बंगाल व असम में बीएसएफ सीमा से 50 किमी भीतर तक क्षेत्राधिकार रखेगी, पहले ये 15 किमी था।
गुजरात में 80 से घटाकर 50 किमी किया गया। राजस्थान में यह 50 किमी था, इसे उतना ही रखा गया।