बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर 140 ऐसी बॉर्डर आउटपोस्ट चिह्नित की गई हैं, जहां से रोहिंग्या घुसपैठ कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे स्थानों पर अधिक सुरक्षा कर्मियों और निगरानी गैजेट्स तैनात कर दिए गए हैं और रोहिंग्याओं को बांग्लादेश से भारत लाने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया गया है।
भारत दौरे पर आए बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के चीफ मेजर जनरल अबुल हुसैन के साथ नई दिल्ली में शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बीएसएफ ने अपने समकक्ष बीजीबी के साथ इस मुद्दे पर चार दिवसीय (2-7 अक्टूबर) वार्ता का आयोजन किया है और दोनों ने बांग्लादेश से भारत आने वाले रोहिंग्याओं पर नजर रखने के लिए योजना तैयार की है।
वहीं बीजीबी के डीजी हुसैन ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिमों को बांग्लादेश में आतंकवाद नहीं फैलाने दिया जायेगा और ना ही उन्हें भारत की सीमा में घुसपैठ या फिर पलायन करने दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि उनका देश म्यांमार सीमा पर बाड़बंदी की योजना बना रहा है।
हुसैन के मुताबिक, म्यांमार से बांग्लादेश भाग आए करीब पांच लाख रोहिंग्या मुस्लिमों का रजिस्ट्रशन अनिवार्य कर दिया है। जिससे उनकी मूवमेंट पर खासी नजर रखी जा सके और वे भारत की सीमा में दाखिल ना हो पाएं।