पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में जारी उथल-पुथल के बीच सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक ने बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात आईसीपी पेट्रापोल और 68वीं बटालियन के अत्यधिक संवेदनशील सीमा चौकी राणाघाट का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने तैयारियों को जायजा लिया।
बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबित मंगलवार को बीएसएफ के महानिदेशक, आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी ने पूर्वी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक, आईपीएस रवि गांधी और महानिरीक्षक, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर आईपीएस मनिंदर प्रताप सिंह दौरा किया। दौरे का मकसद बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाओं के मद्देनजर इन प्रमुख स्थानों पर बीएसएफ की सामरिक और परिचालन तैयारियों और तैनाती रणनीतियों का आकलन करना था।
अधिकारी के मुताबिक आईसीपी पेट्रापोल पहुंचने पर महानिदेशक ने एडीजी पूर्वी कमान के साथ पैसेंजर टर्मिनल और कार्गो टर्मिनल का दौरा किया। जवानों के समक्ष आने वाली जटिल परिचालन चुनौतियों की समीक्षा की। इस दौरान 145वीं बटालियन के कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर ने महानिदेशक को बटालियन की परिचालन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद नए आईसीपी भवन का भी दौरा किया।
इसके बाद बीएसएफ के महानिदेशक, चौधरी ने 68वीं बटालियन की राणाघाट सीमा चौकी का दौरा किया। यहां उन्होंने बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए बीएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक की तथा अवैध घुसपैठ और अन्य तस्करी से निपटने के लिए परिचालन रणनीतियों पर चर्चा की। महानिदेशक ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता बढ़ाने और प्रभावी उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस दौरान चौधरी ने सैनिक सम्मेलन में अधिकारियों और जवानों को संबोधित किया। इस दौरान बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। स्थिति पर स्पष्ट और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बांग्लादेश में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सीमा तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया तथा अधिकारियों और जवानों से किसी भी उभरती स्थिति के लिए सतर्क और तैयार रहने को कहा।