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BSF Raising day: बीएसएफ के DIG अजीत कुमार टेटे को मिला राष्ट्रपति मेडल, 35 वर्षों तक कठिन इलाकों में की सेवा

Mon, 05 Dec 2022 07:22 PM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

बीएसएफ के डीआईजी (पीएसओ) अजीत कुमार ने  बताया कि उन्होंने पिछले 35 वर्षों की सेवा में जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेवाएं की हैं।  
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बीएसएफ के डीआईजी (पीएसओ) अजीत कुमार टेटे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 58वें स्थापना दिवस पर अमृतसर पर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय स्टेडियम, अमृतसर (पंजाब) में एक परेड समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नित्यानंद राय ने अजीत कुमार टेटे, डीआईजी (पीएसओ) को विशिष्ट सेवा (पीपीएमडीएस) के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया, जो वर्तमान में (प्रधान स्टाफ अधिकारी) के रूप में दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, कोलकाता में कार्यरत हैं।

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कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक पंकज कुमार सिंह, आईपीएस ने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीरों को उनके साथ श्रद्धांजलि दी।

जानकारी देते हुए बीएसएफ के अधिकारी ने बताया कि पिछले 35 वर्षों की सेवा में टेटे ने ने जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेवाएं की हैं। उन्होंने मणिपुर में सबसे कठिन क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनका कार्यकाल पंजाब, राजस्थान, असम और पश्चिम बंगाल में भी रहा है। शांति सेना के रूप में उन्हें 1997-1998 में बोस्निया-हर्जेगोविना में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी तैनात किया गया था।
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सीमा सुरक्षा बल जोकि दुनिया की सबसे बड़ी सीमा सुरक्षा बल, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6386.36 किमी की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात है। सीमा प्रहरी राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और इसके आदर्श वाक्य “जीवन पर्यन्त कर्तव्य” को दोहराते हैं।

मुख्य अतिथि माननीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, विशिष्ट अतिथियों, दिग्गजों, सीमा प्रहरी और उनके परिवारों का स्वागत करने के बाद, डीजी बीएसएफ ने पाकिस्तान से ड्रोन घुसपैठ के मौजूदा खतरे को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिमी सीमा के विभिन्न हिस्सों और भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी गतिविधियों को रोकने के लिए की गई पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

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