पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार आने के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर आक्रमकता बढ़ी है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक (डीजी) के के शर्मा ने इसकी तस्दीक करते हुए कहा कि पिछले हफ्ते आईबी पर बीएसएफ जवान के साथ किया गया बर्बर सलूक उसी आक्रामकता का उदाहण है।
शर्मा ने कहा कि हेड कांस्टेबल नरेन्द्र शर्मा के साथ ऐसा सलूक पाकिस्तान के बार्डर एक्शन टीम (बैट) ने किया है। बैट एक्शन जैसी कार्रवाई अक्सर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर होती है। आईबी पर यह घटना पहली बार हुई है।
30 सितंबर को बीएसएफ के महानिदेशक पद से सेवानिवृत हो रहे शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान की इस कार्रवाई का एक बदला ले लिया गया है। यह कार्रवाई एलओसी पर की गई है। इसमें पाकिस्तान को कई गुना नुकसान पहुंचा है। शर्मा के मुताबिक पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स के खिलाफ कुछ कार्रवाई और की जाएगी। उसका समय और जगह बीएसएफ तय करेगा।
शर्मा ने बताया कि पिछले हफ्ते आईबी पर बीएसएफ के जवान एलीफैंट ग्रास काटने गए थे। भारत-पाक सीमा पर एलीफैंट ग्रास नाम के लंबे घास सीमा पर देखने में वाधा उत्तपन्न करते हैं। इसी काम के दौरान हेड कांस्टेबल नरेन्द्र गायब हो गया। उच्चस्तरीय स्तर पर पाक रेंजर्स से बातचीत के बाद सीमा पार कर नरेंद्र की खोज की गई तो विक्षिप्त हालत में उसका शव मिला। उसकी छाती में दो और गर्दन पर एक गोली लगी थी। उसके गले पर धारदार हथियार के लंबे और गहरे निशान थे। शर्मा ने इससे इनकार किया कि नरेंद्र का गला काट कर अलग कर दिया गया था और आंख निकाल दी गई थी। पाकिस्तान ने इस घटना में हाथ होने से साफ इनकार कर दिया।
शर्मा के मुताबिक इस घटना के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई के डर से अपने सीमा के पांच किलोमीटर का इलाका खाली कर दिया। आईबी पर दर्जनों पाकिस्तानी आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप और लांचिंग पैड काम कर रहे हैं। इसमें से कुछ सीमा से सिर्फ पांच से सात किलोमीटर की दूरी पर हैं। यहां सैकड़ों आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। मौका पाते ही वह प्रशीक्षित आतंकियों को सीमा पार कराने की कोशिश करेंगे। पाकिस्तान अपनी स्टेट पॉलिसी के तहत ऐसा कर रहा है।
शर्मा ने बताया कि पाक रेंजर्स की चौकियों पर भी लश्कर-ए-तोयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत कई गुटों के आतंकी रहते हैं। यह आतंकी स्नाईपर से बीएसएफ जवानों को निशाना बनाते हैं। घुसपैठ को रोकने के लिए जरूरी है कि बीएसएफ के जवान गश्त करें। इसी में वह स्नाईपर का निशान बनते हैं। यह समस्या पाकिस्तान केसाथ नहीं क्योंकि भारत पाकिस्तान में घुसपैठ नहीं कराता।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दर्जनों लांचिंग पैड मौजूद
डीजी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दर्जनों पाकिस्तानी आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप और लांचिंग पैड काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ तो सीमा से सिर्फ पांच से सात किलोमीटर पर हैं। यहां सैकड़ों आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। मौका पाते ही वह प्रशिक्षित आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश करेंगे। पाकिस्तान अपनी सरकारी नीति के तहत ऐसा कर रहा है।