तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023
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इस साल के अंत में दक्षिणी राज्य तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर तेलंगाना के मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को 114 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री राव ने विधानसभा चुनावों पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि बीआरएस 16 अक्टूबर को वारंगल में अपना घोषणापत्र जारी करेगी। इसके साथ ही बागियों को लेकर सीएम ने कहा कि जो कोई भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा।
आइये जानते हैं बीआरएस की पहली सूची में क्या है? इसमें किनका पत्ता कटा? तो जगह किन चेहरों को मिली? वर्तमान में कैसी है तेलंगाना विधानसभा? समझते हैं...
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बीआरएस की पहली सूची में क्या है?
119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा के लिए बीआरएस ने आज 115 सीटों पर 114 नामों की घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री दो विधानसभा क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमाएंगे। ये सीटें कामारेड्डी और गजवेल हैं। केसीआर ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले इसी तरह का कदम उठाया था। जब विरोधी दल अपने उम्मीदवारों की तलाश कर रहे थे, तब भी उन्होंने अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में बीआरएस उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की थी। इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न पदों पर उन लोगों को जगह दी, जिन्हें टिकट नहीं मिल सका था।
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केसीआर के रिश्तेदारों को भी मिले टिकट
अन्य प्रमुख चेहरों की बात करें तो केसीआर सरकार में मंत्री कल्वाकुंतला तारक रामा राव (केटीआर) सिरसिला और हरीश राव सिद्दीपेट से चुनाव लड़ेंगे। केसीआर के बेटे के.टी. रामाराव उनके मंत्रिमंडल में मंत्री हैं और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वहीं हरीश राव केसीआर के भांजे हैं और मौजूदा सरकार में मंत्री हैं। हरीश राव के पास वित्त और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख विभाग हैं।
तेलंगाना के सीएम केसीआर
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किन विधायकों का कटा पत्ता?
कुल नौ विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों को बदला गया है। ये सीटें हैं बोअथ, घनपुर (स्टेशन), खानापुर, कोरातला, वायरा, कामारेड्डी, असिफाबाद, उप्पल और वेमुलावाड़ा। बीआरएस ने कई मौजूदा विधायकों का पत्ता भी काटा है। कामारेड्डी विधायक गम्पा गोवर्धन 115 सीटों की इस सूची में शामिल नहीं हैं। इस साल के चुनाव में गोवर्धन की जगह केसीआर यहां से चुनाव लड़ेंगे।
बीआरएस ने बोअथ से बापू राव राठौड़ की जगह अनिल जाधव को मौका दिया है। खानापुर सीट से अजमेर रेखा की जगह भुक्या जॉनसन राठौड़ नाइक को टिकट दिया गया है। कोरातला विधानसभा सीट पर मौजूदा विधायक कल्वाकुंटला विद्यासागर राव की जगह उनके बेटे डॉ. संजय कल्वाकुंतला को उतारा गया है। उप्पल विधानसभा क्षेत्र से बेथी सुभाष रेड्डी के स्थान पर बंडारू लक्ष्मा रेड्डी को लड़ाया गया है।
वेमुलावाड़ा से रमेश चेन्नामनेनी के बजाय चाल्मेदा लक्ष्मी नरसिम्हा राव को टिकट मिला है। सीएम केसीआर ने कहा कि वेमुलावाड़ा के विधायक चेन्नामनेनी रमेश को शामिल नहीं किया जा सका क्योंकि उनकी भारतीय नागरिकता पर विवाद था और टिकट चाल्मेदा लक्ष्मी नरसिम्हा राव को मिला।
पिछले विधानसभा चुनाव में वायरा सीट से एल. रामुलु नायक निर्दलीय विधायक चुने गए थे। हालांकि, बाद में वह भारत राष्ट्र समिति में शामिल हो गए। आज जारी हुई सूची में रामुलु को भी जगह नहीं मिली है। घनपुर (स्टेशन) सीट से डॉ. थातिकोंडा राजैया की जगह कदियम श्रीहरि को टिकट थमाया गया है।
हुजूराबाद सीट से पी. कौशिक रेड्डी को उतारा गया है। पिछली बार यहां से बीआरएस की टिकट पर एतला राजेंदर जीते थे जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वहीं दुब्बक से इस बार के. प्रभाकर रेड्डी को टिकट थमाया गया है। टीआरएस विधायक रामलिंगा रेड्डी की मृत्यु के कारण 2020 में यहां उपचुनाव हुआ था। इस चुनाव में भाजपा के माधवनेनी रघुनंदन राव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीआरएस उम्मीदवार सोलिपेटा सुजाता को हराया था।
सिकंदराबाद कैंट से जी. लस्या नंदिता कि टिकट मिला है। दरअसल, यहां से विधायक रहे जी. सयन्ना की पिछले दिनों मृत्यु हो गई थी।
इन सीटों पर नहीं घोषित हुए उम्मीदवार?
फिलहाल चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है। इनमें जनगांव, गोशामहल, नामपल्ली और नरसापुर सीटें शामिल हैं।
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कैसी है तेलंगाना विधानसभा?
119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के वर्तमान में 102 विधायक हैं। 2018 में बीआरएस ने 88 सीटें जीती थीं। बाद में कांग्रेस, टीडीपी और निर्दलीय उम्मीदवारों के कई विधायक बीआरएस में शामिल हो गए, जिससे विधानसभा में इसकी ताकत बढ़ गई। इसके अलावा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सात, कांग्रेस के पांच और भाजपा के दो विधायक हैं। एक सीट पर निर्दलीय विधायक हैं। सिकंदराबाद कैंट. सीट अपने विधायक जी. सयाना की मृत्यु के कारण रिक्त है। एक सदस्य मनोनीत किया जाता है।