तेलंगाना की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने केंद्र की एनडीए सरकार पर तेलंगाना विरोधी होने का आरोप लगाया है। सत्तारूढ़ बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार पिछले नौ वर्षों से तेलंगाना विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार को होने वाली राज्य की यात्रा का बहिष्कार करेगी। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे रामाराव ने दावा किया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही पीएम मोदी का रवैया तेलंगाना विरोधी रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में तेलंगाना से किया गया कोई भी वादा केंद्र द्वारा लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने एक साल पहले गुजरात के दाहोद में 20,000 करोड़ रुपये की लागत वाली लोकोमोटिव कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखी थी, लेकिन तेलंगाना के वारंगल में 521 करोड़ रुपये की वैगन निर्माण इकाई की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार तेलंगाना में एक रेलवे कोच फैक्ट्री स्थापित की जानी थी।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, गुजरात के लिए 20,000 करोड़ रुपये की कोच फैक्ट्री। लेकिन, तेलंगाना के लिए 521 करोड़ रुपये। मानो भीख दी जा रही हो। तेलंगाना सरकार में नगरपालिका प्रशासन मंत्री रामाराव ने कहा, एक निजी कंपनी ने 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से तेलंगाना में एक कोच फैक्ट्री स्थापित की है, अगर मोदी सरकार 521 करोड़ रुपये से एक फैक्ट्री स्थापित करती है तो तेलंगाना के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने वारंगल के पास एक आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 300 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध कराई है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी गई है। आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में उल्लिखित एक आश्वासन है। रामाराव ने दावा किया कि मोदी ने पहले यह कहकर ''तेलंगाना के निर्माण'' का अपमान किया है कि कांग्रेस ने एक बच्चे (तेलंगाना) को जन्म दिया लेकिन उसकी मां (आंध्र प्रदेश) को मार डाला। उन्होंने मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल के दौरान कथित सांप्रदायिक गड़बड़ी का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, हम सभी ने फैसला कर लिया है। निश्चित रूप से हममें से कोई भी कल उनकी (मोदी) यात्रा में शामिल नहीं होगा। क्योंकि, 520 करोड़ रुपये देने का उनका कदम, भीख देने जैसा है और यह तेलंगाना समाज का अपमान है। निश्चित ही हम बहिष्कार करेंगे। हम उनके कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
तेलंगाना के खम्मम में हाल ही में एक सार्वजनिक बैठक में बीआरएस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हमले के बारे में पूछे जाने पर, रामाराव ने कहा कि राहुल गांधी किस क्षमता के आधार पर नीतिगत घोषणाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी यहां आते हैं और नीतिगत बयान देते हैं। वह किस हैसियत से बयान दे रहे हैं? क्या वह कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं? क्या वह तेलंगाना में कांग्रेस के अध्यक्ष हैं? क्या वह संसद सदस्य भी हैं? राहुल गांधी ने हाल ही में बीआरएस को भाजपा की बी टीम करार दिया था।