मिनी बायपास स्तिथ खुसरो अस्पताल में गर्भपात कराने लाये महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे ने दम तोड़ दिया। महिला को उसके पति ने शुक्रवार शाम में भर्ती किया था। रात में काफी ब्लीडिंग के बाद डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा और खुद ही एम्बुलेंस के इंतजाम किया। सुबह उसका पति पहले खुशलोक अस्पताल फिर गंगाशील ले गया। जहाँ ब्रॉड डेड होने के चलते अस्पताल वालों ने महिला को भर्ती करने से मना कर दिया।
फतेहगंज पश्चिमी के रामबाबू की पति हीलकली(29) को 3 माह का गर्भ था। उसके पहले से 2 बच्चे हैं। जिसमें एक लड़का और दूसरी लड़की है। 2 दिन पहले रामबाबू ने अल्ट्रासाउंड कराया और शुक्रवार को खुसरो में लाकर पत्नी को भर्ती करा दिया।
हालाँकि रामबाबू बीवी के गर्भपात कराने की बात नही कबूल रहा है। वह डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। उसका कहने है कि वह अपनी पत्नी को जाँच के लिए यहाँ लाया था। हीराकली 3 माह की गर्भवती है इसकी जानकारी लड़की के मायके में भी किसी को नही थी।
महिला की मौत के बाद डॉक्टर भाग गए। अस्पताल कर्मी भी बता रहे हैं कि महिला को सफाई कराने लाया गया था । बता दे की mtp act के तहत 12 सप्ताह का गर्भ पात कानूनन अपराध है। सिर्फ वही गर्भपात हो सकता है जहाँ अस्पताल MTP एक्ट के तहत पंजीकृत हो। ख़ुसरो अस्पताल पंजीकृत नही है।