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BRO: पूर्वी लद्दाख में बीआरओ बनाएगा सुरंग और दर्रे, हर मौसम में सुनिश्चित होगी सड़क कनेक्टिविटी

Sat, 02 Aug 2025 07:00 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्वी लद्दाख में हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करने के लिए बीआरओ सुरंगों और दर्रों की योजना बना रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य दुर्गम और बर्फीले इलाकों में सैन्य और नागरिक आवाजाही को सालभर सुगम बनाना है।
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प्रोजेक्ट हिमांक
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विस्तार
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सीमावर्ती इलाकों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सीमा सड़क संगठन (BRO) तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसके तहत पूर्वी लद्दाख में ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए कई सुरंगों और उच्च पर्वतीय दर्रों के निर्माण की उन्नत योजना बनाई जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

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इस परियोजना का उद्देश्य दुर्गम और बर्फीले इलाकों में सैन्य और नागरिक आवाजाही को सालभर सुगम बनाना है। बीआरओ इस ऊंचाई वाले क्षेत्र में परियोजना में तेजी लाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपना रहा है। 
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एनएच 3 पर चला रहा काम
प्रोजेक्ट हिमांक के निर्देशक कर्नल दीपक पलांडे ने बताया कि मुख्य रूप से लद्दाख दो नेशनल हाईवे एनएच 1 और एनएच 3 से जुड़ा हुआ है। हम एनएच 3 के लिए जिम्मेदार हैं। रोहतांग सुरंग पहले ही बन चुकी है और हम बारालाचा और तंगलांग जैसे दर्रों पर कुछ सुरंगों के निर्माण की योजना बना रहे हैं। 

प्रोजेक्ट हिमांक क्यों हुआ शुरू?
बीआरओ का प्रोजेक्ट हिमांक लद्दाख क्षेत्र में सड़क संचार के विकास के लिए शुरू किया गया था। यह चीन के सात वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट रणनीतिक क्षेत्रों तक संचार और पहुंच बनाए रखने को सुनिश्चित करता है। 

पांच से सात वर्षों में बन जाएगी सुरंग
कर्नल पलांडे ने कहा कि इन सुरंगों की योजना बहुत उन्नत चरण पर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सुरंग की समय-सीमा अलग-अलग होगी। यह पांच से सात वर्ष तक होगी। अधिकारी ने बताया कि यह एक बहुत ही जटिल परियोजना है। यह मिट्टी की संरचना, मिट्टी की मात्रा, चट्टान की मात्रा, तकनीकी सर्वेक्षण, भू-सर्वेक्षण रिपोर्ट, जीएसआई-जीटीआई रिपोर्ट पर निर्भर करती है। ये सभी रिपोर्टें काम आती हैं। 

उमलिंग ला दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल पास
उन्होंने यह भी कहा कि हमने उमलिंग ला पूरा कर लिया है। मिग ला निर्माणाधीन है और मार्शमिक ला पहले ही बन चुका है। उमलिंग ला फिलहाल 19,024 फीट की ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल पास है, जिसे मिग ला 19,400 फीट की ऊंचाई पर पीछे छोड़ देगा। दुनिया के 14 सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रों में से आठ वर्तमान में परियोजना हिमांक के अंतर्गत आते हैं।
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हर सड़क है महत्वपूर्ण
अधिकारी ने कहा कि हर सड़क महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह रक्षा लॉजिस्टिक्स, सैन्य कर्मियों, उपकरणों और संसाधनों की आवाजाही में मदद करती है। इससे सैन्य अभियानों की योजना बनाने में लचीलापन मिलता है।

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