शशि थरूर ने प्रोफेसर को 'पूरी तरह बद-दिमाग' व्यक्ति करार दिया। उन्होंने ईशान के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा, 'हां, मेरे बेटे, इस दुनिया में कुछ ऐसे लोग हैं, जो वास्तव में बद-दिमाग होते हैं। सभ्यता हासिल करना कठिन है। क्रिकेट या ओट्टंथुल्लल का आनंद लो। इस बेचारे पर दया करो।'
हालांकि एंडरसन ने यह भी कहा था कि उनकी पत्नी केरल से हैं और भले ही उन्हें इडली बोरिंग लगती हो, लेकिन इसके अलावा उन्हें सभी दक्षिण भारतीय व्यंजन बहुत पसंद हैं। इसके बावजूद उनके इडली को बोरिंग कहने को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा चलता रहा।
खानपान के मामलों के जानकार पुष्पेश पंत ने एंडरसन की टिप्पणी पर थरूर की प्रतिक्रिया को वाजिब करार दिया। उन्होंने कहा कि इडली संतुलित आहार है। यह स्वास्थ्य के लिए तो लाभकारी है ही, साथ ही इसे कई दिन तक अन्य व्यंजनों के साथ खाया जा सकता है।
वहीं, आहार समीक्षक राहुल वर्मा ने कहा कि इडली को बोरिंग कहना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, 'इडली का खुद का कोई स्वाद नहीं होता, इसका स्वाद इसके साथ खाए जाने वाली चीज पर निर्भर करता है। इसे चटनी, सांभर, चिकन, मटन या पोर्क के साथ मिलाकर खाया जाता है, जिससे अलग-अलग स्वाद निकलकर आते हैं।'