दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने हजारों फीट की ऊंचाई से गिरने के 24 घंटे बाद ब्रिटिश नागरिक को चमत्कारी जीवनदान दिया है। कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) इलाके में यूके निवासी एंथोनी बैरी रॉबर्ट्स (55) पैरा-ग्लाइडिंग के दौरान अपने पैराशूट से अलग हो गए थे। खराब मौसम की वजह से वे चट्टान से भी टकरा गए। हादसे में उनके सिर, चेहरे और छाती पर गंभीर चोटें आईं थी। उनके शरीर के अंदर छह जगह हड्डियां टूट गई थीं। बैरी के अनुसार, एक रूसी पायलट भी पैरा-ग्लाइडिंग कर रहा था, वह उनके पास उतरा और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी। बैरी के चेहरे पर सूजन आ गई थी और बहुत खून बह गया था, लेकिन फिर भी वे अपने सैटेलाइट फोन से संदेश भेज रहे थे।
हादसे के बाद उन्हें कांगड़ा के आर्मी अस्पताल लाया गया, जहां से अगले दिन उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल एयर लिफ्ट किया गया। यहां न्यूरोसर्जन डॉ राजेंद्र प्रसाद, प्लास्टिक सर्जन डॉ कुलदीप सिंह व कार्डियो थोरेसिक सर्जन डॉ गंजू की टीम ने बैरी का इलाज शुरू किया। डॉ राजेंद्र ने बताया कि बैरी की हड्डी (फ्रंटल बोन) के दो से ज्यादा टुकड़े हो गए थे, जिसकी वजह से हवा क्रेनियल कैविटी में जा रही थी।
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इसके अलावा उनके चेहरे और खोपड़ी की हड्डियों में भी कई फ्रैक्चर थे। सर्जरी बेहद मुश्किल थी, जिसमें उन्हें ब्रेन (ड्यूरा) को भी कवर करना था ताकि फ्रंटल और चेहरे की टूटी हड्डियों को स्थिर किया जा सके। इसे चिकित्सा जगत का चमत्कार ही कहा जा सकता है कि बैरी आज जिंदा हैं।