विपक्षी लेबर पार्टी की ब्रिटिश सिख सांसद प्रीत कौर गिल ने ब्रिटेन के मंत्रियों को पत्र लिखकर देश में सिख विरोधी अपराधों में तेजी से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। ब्रिटिश सिखों पर ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप की अध्यक्ष गिल ने भारतीय मूल की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन और समुदाय सचिव साइमन क्लार्क को एक संयुक्त पत्र लिखा है। जिसमें हाल ही में समाप्त हुए वर्ष के लिए घृणा अपराधों पर गृह कार्यालय के आंकड़ों की ओर इशारा किया गया है।
सासंद प्रीत कौर गिल ने कहा कि नए आंकड़ों से बहुत चिंतित हूं। 2021-22 में सिखों के खिलाफ 301 घृणा अपराध दर्ज किए गए, जो 2020 में 112 थे। धार्मिक घृणा अपराधों में 38 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। गिल ने सोमवार को अपने द्धारा लिखे गए पत्र को ट्विटर पर भी पोस्ट किया। उन्होंने इन अपराधों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और एपीपीजी रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करके सिख समुदाय की रक्षा करने की मांग की है।
सांसद ने ब्रिटिश सिख समुदाय के नेता और पुजारी अवतार गिल के साथ हुई घटना का भी जिक्र किया। उन पर जून में मैनचेस्टर में घर जाते समय हमला किया गया था। हालांकि, पिछले हफ्ते उनके हमलावर को घटना का दोषी मानते हुए तीन साल की जेल हुई थी। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर मार्क एस्टबरी ने मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट में फैसले के बाद कहा कि यह परिवार के एक बहुत प्रिय सदस्य और समुदाय के नेता पर हमला था, जिससे लोगों को गहरा झटका लगा है।
घृणा अपराधों के बढ़ रहे मामले
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह गृह विभाग की तरफ से आंकड़े जारी किए गए। जिनमें 2021-22 में घृणा अपराध के 3,459 मुस्लिम-विरोधी या इस्लामोफोबिक के ममाले दर्ज किए गए। यहूदी-विरोधी या यहूदी-विरोधी अपराधों के 1,919 थे, इसी अवधि में 701 ईसाई विरोधी और हिंदू विरोधी घृणा अपराधों के 161 मामले दर्ज किए गए। 2021-22 में इंग्लैंड और वेल्स में पुलिस द्वारा 156,000 अपराध दर्ज किए गए, जिसे जून 2016 में ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद से सबसे बड़ी वार्षिक छलांग माना जाता है। नस्लीय हिंसा के 70 प्रतिशत अपराध होते हैं, इसके बाद यौन अभिविन्यास के 17 प्रतिशत, विकलांगता के 9 प्रतिशत, धर्म के 6 प्रतिशत और ट्रांसजेंडर पहचान के 3 प्रतिशत अपराध आते हैं। हाल के वर्षों में दर्ज किए गए घृणा अपराधों की संख्या में वृद्धि हुई है।