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Parliament: शीत सत्र में वक्फ समेत 15 बिल लाने की तैयारी; विपक्षी सांसदों ने की JPC का कार्यकाल बढ़ाने की मांग

Thu, 21 Nov 2024 08:00 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। सरकार ने इस सत्र की कार्यसूची में 15 विधेयक सूचीबद्ध कराए हैं। इसमें से पांच नए विधेयक नए हैं। इसके अलावा 10 विधेयक लंबित हैं। जिनमें वक्फ कानून संशोधन विधेयक शामिल है।
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संसद (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में वक्फ संशोधन समेत 15 विधेयक लाने की तैयारी की है। वहीं वक्फ विधेयक को लेकर विपक्षी सांसदों ने संयुक्त संसदीय समिति का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की। जबकि संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि समिति की रिपोर्ट तैयार है और इस पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। 
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संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। सरकार ने इस सत्र की कार्यसूची में 15 विधेयक सूचीबद्ध कराए हैं। इसमें से पांच नए विधेयक नए हैं। इसके अलावा 10 विधेयक लंबित हैं। जिनमें वक्फ कानून संशोधन विधेयक शामिल है। समिति की रिपोर्ट लोकसभा में पेश होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को पास कराया जाएगा। समिति के अध्यक्ष ने शीत सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन अपनी रिपोर्ट पेश करने की बात कही है। 

इसके अलावा सरकार इस सत्र में सहकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना विधेयक भी लाएगी। वहीं सरकार पंजाब कोर्ट (संशोधन) बिल भी पेश करेगी। इसके तहत दिल्ली की जिला अदालतों में अपीलीय वित्तीय केसों के लिए निर्धारित सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जानी है। 
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एक और मर्चेंट शिपिंग बिल के जरिये केंद्र सरकार उन समुद्री समझौतों के अनुपालन को अनिवार्य बनाएगी भारत एक पक्ष के रूप में शामिल है। शीत सत्र में कोस्टल शिपिंग बिल और इंडियन पोर्ट बिल को भी पारित कराने की तैयारी है। नए सत्र में सूचीबद्ध किए गए 15 विधेयकों में 8 लोकसभा और दो राज्यसभा में लंबित हैं। 

जगदंबिका पाल बोले: वक्फ संशोधन विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट तैयार

वक्फ संशोधन विधेयक पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि रिपोर्ट तैयार है और इस पर सभी सदस्यों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं समिति में शामिल विपक्षी सांसदों ने समिति का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून में बदलावों का अध्ययन करने के लिए और समय चाहिए। 

समिति ने बृहस्पतिवार को करीब छह घंटे तक बैठक की। समिति की बैठक में अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य जगदंबिका पाल ने कहा कि समिति की यह आखिरी बैठक है और एक मसौदा रिपोर्ट जल्द ही सदस्यों को वितरित की जाएगी। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और नारेबाजी की। 

कुछ सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को फोन किया और मामले में उनसे हस्तक्षेप की मांग की। बैठक के बाद पाल ने कहा समिति ने सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत बैठक कर चर्चा की। उनका कहना था कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ भी पांच दिनों में 29 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा की गई।  जगदंबिका पाल ने कहा कि संशोधन विधेयक को लेकर अलग-अलग संगठनों के साथ 25 बैठकें की गईं। कार्यकाल बढ़ाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष का फैसला मान्य होगा।
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