धरने पर बैठे पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट
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भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पहलवानों के गंभीर आरोपों पर सरकार सिंह की सफाई से संतुष्ट नहीं है। आरोपों की जांच के लिए सरकार एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाने पर विचार कर रही है।
दरअसल, कई नामचीन पहलवानों के धरने पर बैठने के बाद ही प्रधानमंत्री ने पूरे मामले में हस्तक्षेप किया। सूत्रों का कहना है कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही लखनऊ में होने वाला वूमन नेशनल रेसलिंग कैंप स्थगित करने के साथ ही महासंघ को आरोपों का जवाब देने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया। खेल मंत्रालय को जल्द से जल्द इस विवाद के निपटारा करने और पहलवानों को हर हाल में संतुष्ट करने का निर्देश भी दिया गया है।
अनुराग ठाकुर के सामने पेश की सफाई
मामले के तूल पकड़ने पर बुधवार को बृजभूषण ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के समक्ष सफाई पेश की। सूत्रों का कहना है कि उनकी सफाई से मंत्रालय संतुष्ट नहीं है। मंत्रालय मानता है कि खिलाड़ियों और महासंघ में संवादहीनता की स्थिति गंभीर स्तर पर पहुंच गई थी। दूसरी ओर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने भी खेल मंत्री से बात कर चिंता जाहिर की। बृहस्पतिवार को उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए
खिलाड़ियों का समर्थन किया।
बड़ा सियासी मुद्दा बनने का डर : सरकार और भाजपा को इस मामले का बड़ा सियासी मुद्दा बनने का भी डर सता रहा है। सूत्रों का कहना है कि विवाद टालने के लिए सिंह से महासंघ से इस्तीफा देने के लिए भी कहा गया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई।