कैंसर, मधुमेह और एचआईवी एड्स जैसी घातक बीमारियों पर किए गए अध्ययन को ब्रिक्स देश (ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और दक्षिण अफ्रीका) आपस में साझा करेंगे। इसके लिए भारत में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य मंत्री भी शिरकत करेंगे।
दिल्ली में 15 और 16 दिसंबर को ब्रिक्स देशों का सम्मेलन आयोजित हो रहा है। सभी देश इस मत पर सहमत हुए हैं कि अलग-अलग बीमारियों के क्षेत्र में किए गए अध्ययनों व बीमारी के इलाज में प्रयोग होने वाले तकनीक को भी साझा करेंगे। सम्मेलन में कैंसर, एचआईवी एड्स, के अलावा मिजल्स, रूबेला, गैर संचारी रोग, एंटीबॉयोटिक्स के गलत इस्तेमाल, हृदय संबंधी बीमारियां, ट्यूबरक्लोसिस (टीबी), मलेरिया के अलावा नई दवाईयों पर किए अध्ययन को भी साझा करेंगे। सम्मेलन के अंत में दिल्ली ड्राफ्ट भी पेश किया जाएगा।
सम्मेलन में आयुष मंत्रालय को भी शामिल किया गया है। भारत परंपरागत दवाओं और इलाज की पद्धति पर भी ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इस पद्धति से इलाज में भारत की अलग पहचान है लेकिन औषधीय वनस्पति के मामले में दक्षिण अफ्रीका का विशेष महत्व है। आयोजन के आखिरी दिन (16 दिसंबर) ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री सम्मेलन को संबोधित करेंगे।