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ब्रिक्स पर दुनिया की नजर: अमेरिका से पाकिस्तान तक मीडिया ने माना-पश्चिम को चुनौती का मंच; मतभेद भी बड़ी चुनौती

Sun, 13 Sep 2026 08:27 AM IST
राकेश कुमार एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भारत की मेजबानी और समूह की बढ़ती भूमिका को अलग-अलग नजरिए से देखा है। बीबीसी ने घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले के जिक्र को भारत की कूटनीतिक सफलता बताया। वाशिंगटन पोस्ट ने भारत के लिए अमेरिका-यूरोप और रूस-ईरान के बीच संतुलन साधने की चुनौती पर जोर दिया। सीएनएन ने ब्रिक्स को पश्चिमी प्रभुत्व और अमेरिकी डॉलर के विकल्प के तौर पर उभरता मंच बताया। ईरान के तेहरान टाइम्स ने इसे अमेरिकी प्रतिबंधों से निपटने का अवसर माना। पाकिस्तानी अखबार ने क्या कहा? जानिए...
 
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ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ जिनपिंग-पुतिन के हल्के पल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर वैश्विक मीडिया की राय भले ही जुदा हो लेकिन कुल मिलाकर इसे पश्चिम के दबदबे को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी मीडिया इस सम्मेलन को वैश्विक समीकरणों में बदलाव के तौर पर पेश कर रहा है। वैश्विक संघर्ष, अमेरिकी टैरिफ का दबाव और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच कई देश अब वाशिंगटन और बीजिंग के साथ अपने रिश्तों को नए सिरे से देख रहे हैं।
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बीबीसी: भारत की कूटनीतिक जीत
ब्रिटिश मीडिया बीबीसी ने लिखा है कि ब्रिक्स समूह वैश्विक राजनीति और कूटनीति में एक बहुत ही विरोधाभासों से भरा संगठन बन चुका है। इस घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई है। पहलगाम हमले का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, जिसे भारत के लिए एक बड़ी  सफलता माना जा रहा है।

वाशिंगटन पोस्ट: कठिन संतुलन की चुनौती
अमेरिकी अखबार ने वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि ब्रिक्स की मेजबानी करना भारत के लिए कठिन संतुलन जैसा है। एक तरफ भारत के अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ मजबूत रिश्ते हैं, तो दूसरी तरफ वह रूस- ईरान के साथ भी मंच साझा कर रहा है।
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सीएनएन: डॉलर के प्रभुत्व का विकल्प
ब्रिक्स एक ऐसा शक्तिशाली मंच बन चुका है जो पश्चिमी प्रभुत्व और अमेरिकी डॉलर के दबदबे को चुनौती दे रहा है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स भारत का क्षण है।

तेहरान टाइम्स:अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ मंच 
ब्रिक्स समूह ईरान के लिए आर्थिक अवसरों और अमेरिकी प्रतिबंधों से निपटने का एक बड़ा मंच है। ब्रिक्स को सदस्यों की सुरक्षा और रणनीतिक चिंताओं को भी साझा करना चाहिए।

डॉन : चुनौती दे रहा पर समूह में मतभेद भी  
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लिखा, ब्रिक्स एक ऐसा संगठन है जो वैश्विक मंच पर पश्चिमी देशों के दबदबे को चुनौती दे रहा है। साथ ही यह आंतरिक मतभेदों और युद्ध के गहरे संकटों से भी जूझ रहा है। ईरान पर हमलों के बाद ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच मतभेद बढ़ गए हैं।
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