पीएम मोदी और जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक
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जिनपिंग बोले: फैसले ताकत से नहीं नियम से हों कानून सबके लिए बराबर
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, वैश्विक मामलों में फैसले ताकत से नहीं होने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम सभी देशों पर समान रूप से लागू हों। वैश्विक नियम सभी देशों की भागीदारी से बनें।
राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा, जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली सोच को बहुत पहले खारिज कर देना चाहिए था। नियमों के बिना दुनिया ऐसी है, जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अराजकता व अव्यवस्था तय है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में दोहरे मानदंड खत्म करने की जरूरत है। किसी देश के आकार, ताकत या संपदा के आधार पर उसके साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता। वैश्विक दक्षिण के देश कानून के शासन को बनाए रखने में मदद करें।
जिनपिंग ने बताए आगे बढ़ने के पांच सूत्र
- ओपन-सोर्स एआई समुदाय बनाया जाए, ब्रिक्स देश मिलकर एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करें।
- ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म बने। डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और औद्योगिक सहयोग बढ़ाएं।
- विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी और अगले वर्ष ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच शुरू किया जाए।
- इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग सहयोग पहल के तहत चीन ब्रिक्स देशों में स्मार्ट फैक्टरियों के विकास में सहयोग करेगा।
- ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन, युवाओं के लिए वैज्ञानिक आदान-प्रदान कार्यक्रम।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फाइल)
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पुतिन का मत : नया स्वतंत्र बीमा तंत्र, ब्रिक्स का अनाज बाजार हो
पश्चिमी देशों के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स देशों के लिए स्वतंत्र बीमा तंत्र और साझा अनाज बाजार बनाने का प्रस्ताव रखा है। पुतिन ने सदस्य देशों और वैश्विक दक्षिण से वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक समग्र और स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। बीमा को लेकर पुतिन का आह्वान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जी-7 देशों, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने पश्चिमी देशों की कंपनियों को रूसी कच्चे तेल को ले जाने वाले किसी भी जहाज का बीमा करने से तब तक रोक दिया है, जब तक कि तेल एक तय कीमत में या उससे कम पर न खरीदा गया हो। बीमा क्षेत्र से जुड़े इन प्रतिबंधों का रूसी कच्चे तेल के निर्यात पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान पुतिन ने न्यू डेवलपमेंट बैंक के कामकाज की भी तारीफ की।
पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन
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ईरान-यूएई अतीत भूलने को तैयार: पेजेश्कियन
भारत की कूटनीति की एक और जीत के रूप में ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रिश्तों में सकारात्मक बदलाव आने लगा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद अल नाहयान की दिल्ली में आमने-सामने बातचीत के बाद दोनों देश संबंधों को फिर बेहतर करने पर सहमत हो गए हैं। पेजेश्कियन ने भारत यात्रा के समापन पर कहा, हम यूएई के साथ नई शुरुआत करना चाहते हैं। दोनों पक्ष अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखने पर सहमत हुए हैं। भारत में ईरान दूतावास ने यह बयान जारी किया।
यूएई के क्राउन प्रिंस के जाने के बाद पहुंचे सऊदी विदेश मंत्री
यूएई और सऊदी में तनाव के बीच यूएई क्राउन प्रिंस के रवाना होने के कुछ घंटे बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद शनिवार रात ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे। उन्होंने रविवार के आउटरीच सम्मेलन में हिस्सा लिया।
ब्रिक्स का जो मंच भारत ने दिया उसका फायदा सदस्य देशों ने आपसी समझ बढ़ाने के लिए भी किया। सम्मेलन में तो भविष्य के समझौते और नीतियां तय होती रहीं लेकिन इसके इतर भी समूह के कई देश अपना एजेंडा लेकर आए थे। पूरे पारिवारिक माहौल में धुर विरोधी देशों ने आपस में बैठकें कीं।
सूत्रों के अनुसार यूएई और ईरान ने युद्ध के बीच पहली बार एक दूसरे के सामने बैठक की जिसमें क्षेत्रीय शांति और तनाव कम करने पर चर्चा हुई। यही नहीं समुद्री मार्गों की सुरक्षा बाधित न होने देने पर बात हुई। इनके अलावा रूस-चीन, रूस-ईरान, चीन-मलयेशिया के राष्ट्र प्रमुखों ने अलग-अलग बैठकें कर अपने एजेंडे पर बात की। इन द्विपक्षीय बैठकें से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कारोबार से लेकर तनाव तक पर इसका असर दिख सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद अल नहयान ने बैठक की थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक और सैन्य तनाव को कम करने और स्थिरता स्थापित करने पर गहन चर्चा की।
चीन-रूस ने स्थानीय मुद्राओं में भुगतान पर की बातचीत
सूत्रों के अनुसार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भी वार्ता हुई। जिसमें अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ-प्रतिबंधों से निपटने, ब्रिक्स के भीतर स्थानीय मुद्राओं में भुगतान प्रणाली को तेज करने पर बात की।
रूस-ईरान में उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे पर चर्चा
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच चर्चा का केंद्र उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा, ऊर्जा व्यापार व युद्ध संकट पर रणनीतिक तालमेल रहा। रूस-ईरान के बीच रक्षा और वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है।
चीन-मलयेशिया चीन सागर में शांति पर बात:
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने द्विपक्षीय बैठक में दक्षिण चीन सागर में शांति, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और आसियान को लेकर चर्चा हुई।
ब्रिक्स शहरी अनुसंधान केंद्र बनेंगे और दूरस्थ रोजगार मंच तैयार होंगे
ब्रिक्स समूह के देश अब समावेशी, टिकाऊ, लचीले और स्मार्ट सिटी के निर्माण में एक दूसरे का सहयोग करेंगे। इसके लिए ब्रिक्स शहरी अनुसंधान एवं ज्ञान नेटवर्क व ब्रिक्स शहरी गतिशीलता केंद्र की स्थापना होगी। यही नहीं, दूरस्थ रोजगार के लिए अंतरराष्ट्रीय डिजिटल मंच स्थापित होगा। ब्रिक्स देशों ने तय किया है कि सुलभ, किफायती, समावेशी और स्मार्ट शहरी परिवहन समाधानों के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग होगा। इसके लिए ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स आपूर्ति शृंखला तथा ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क भी बनेगा। ब्यूरो
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ऐतिहासिक वस्तुओं को उनके मूल देशों को वापस करेंगे
पुरावशेषों व ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाली वस्तुओं को उनके मूल देशों को वापस करने पर जोर दिया गया है। कलाकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के प्रशिक्षण होगा। सदस्य देशों के लिए प्रायोगिक आधार पर कलाकार रजिस्ट्री बनेगी। ब्रिक्स संस्कृति महोत्सव से लेकर वेब बाजार ब्रिक्स थिएटर महोत्सव होंगे।
अगले महीने होगा ब्रिक्स संसदीय मंच
अक्तूबर में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच आयोजित होगा। इसमें महिला सांसदों की बैठक भी होगी। सदस्य देशों की संसदों के बीच संवाद और सहयोग मजबूत होगा। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के अलावा ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच कारोबारी संपर्कों को और बढ़ाने के लिए ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल व ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन पर जोर दिया गया है।