इंसानियत को तार-तार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है कोई भी शर्मसार हो जाएगा। मुर्दाघर में इंसानियत उस वक्त शर्मसार हो गई जब एक शव को निकालने के लिए रिश्वत मांगी गई। मामला तमिलनाडु के कोयबंटूर का है जहां एक परिवार ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के शव को निकालने के लिए तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
वहीं परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल ने शव रखने के लिए बिना फ्रीजर के एंबुलेंस मुहैया कराई गई, जबकि इसके लिए पूरे पैसे भी दिए गए। दरअसल मामला ये है कि मृतक भाग्यश्री नाम की लड़की काफी दिन से हर्बल केयर ट्रीटमेंट सेंटर से वजन कम करने की दवाईयां ले रही थी। अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई और बेसुध हो गई जिसके बाद सेंटर में ही उसकी मौत हो गई।
हर्बल केयर ट्रीटमेंट सेंटर ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शव को कोयबंटूर के एक अस्पताल भेजा। हर्बल केयर ट्रीटमेंट सेंटर ने इस बात की जानकारी लड़की के परिजनों को नहीं दी। बाद में परिवार वालों को पता लगा कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है और उसका शव कोयंबटूर के एक अस्पताल में रखा गया है।
जब लड़की के माता-पिता ने बेटी का शव देने के लिए कहा तो अस्पाताल प्रशासन ने शव देने के लिए तीन हजार रुपये की मांग की। किसी तरह परिजनों ने बेटी का शव लिया और उसका अंतिम संस्कार किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की बाति कही है।