राज्यसभा के सदस्य राउत को फरवरी में महाराष्ट्र विधानमंडल को "चोर मंडल" कहने के लिए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया था। भाजपा एमएलसी राम शिंदे ने राउत के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था।
महाराष्ट्र विधानमंडल को "चोर मंडल" (चोरों की परिषद) कहने के मामले में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति (MLCPC) के प्रमुख प्रसाद लाड ने परिषद सचिव से संजय राउत के खिलाफ भाजपा विधायक द्वारा लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के खिलाफ कार्रवाई करने और मामले को राज्यसभा के सभापति के पास भेजने को कहा है।
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राज्यसभा के सदस्य राउत को फरवरी में महाराष्ट्र विधानमंडल को "चोर मंडल" कहने के लिए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया था। भाजपा एमएलसी राम शिंदे ने राउत के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था। लाड ने विधान परिषद सचिव को लिखे पत्र में कहा कि यह मुद्दा आपके सामने काफी समय से लंबित है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप एक उचित निर्णय लें और इस मामले को तत्काल राज्यसभा के सभापति के पास भेजें।
उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर को राउत के खिलाफ इसी तरह का विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव मिला था और इसे छह अप्रैल को राज्यसभा सभापति को भेजा गया है। लाड ने कहा, मेरा मानना है कि विधायक सदनों का कथित रूप से अपमान करने के लिए राउत के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई होनी चाहिए। महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरे (Neelam Gorhe) ने मार्च में संजय राउत की प्रतिक्रिया को असंतोषजनक करार देने के बाद राउत के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पास भेजा था। धनखड़ ने मई में इस मामले को राज्यसभा विशेषाधिकार समिति को भेज दिया था।