Embraer KC-390: एम्ब्रेयर के अध्यक्ष और सीईओ फ्रांसिस्को गोम्स नेटो ने एक साक्षात्कार में कहा, अगर यह सौदा मेरी कंपनी को मिलता है तो एम्ब्रेयर भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए विमान उत्पादन का मुख्य केंद्र बनाएगा। साथ ही भारत में केसी-390 के लिए विशेष मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) हब भी स्थापित किया जाएगा
भारत की ओर से करीब 80 सैन्य परिवहन विमान खरीदने की प्रक्रिया तेज करने के बीच ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर ने अपने केसी-390 मिलेनियम विमान को सबसे बहुउपयोगी विकल्प बताया है। ब्राजीली कंपनी ने कहा कि केसी-390 आधुनिक वायु सेनाओं के लिए नया ग्लोबल बेंचमार्क बन चुका है।
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एम्ब्रेयर के अध्यक्ष और सीईओ फ्रांसिस्को गोम्स नेटो ने एक साक्षात्कार में कहा, अगर यह सौदा मेरी कंपनी को मिलता है तो एम्ब्रेयर भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए विमान उत्पादन का मुख्य केंद्र बनाएगा। साथ ही भारत में केसी-390 के लिए विशेष मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) हब भी स्थापित किया जाएगा। फ्रांसिस्को गोम्स ने कहा, यह विमान नई पीढ़ी का मल्टी-मिशन ट्रांसपोर्ट और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग विमान है। स्वीडन, नीदरलैंड्स और पुर्तगाल सहित कई नाटो देशों ने इसे चुना है। उन्होंने दावा किया कि यह विमान लॉकहीड मार्टिन के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस के मुकाबले मजबूत विकल्प है।
कई कंपनियां दौड़ में शामिल
भारतीय वायुसेना ने 2022 में पुराने एएन-32 और आईएल-76 विमानों को बदलने के लिए मध्यम ट्रांसपोर्ट विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी। अरबों डॉलर के इस सौदे को जल्द मंजूरी मिल सकती है। केसी-390 के अलावा एयरबस डिफेंस एंड स्पेस का ए-400एम और लॉकहीड मार्टिन का सी-130जे भी दौड़ में हैं।
केसी-390 की तकनीकी खूबियां
केसी-390 जेट इंजन से चलता है और 26 टन तक भार उठा सकता है, जबकि सी-130जे की क्षमता 20 टन है। इसकी रफ्तार 470 नॉट है और यह छोटे या कच्चे रनवे से भी उड़ान भर सकता है। फ्रांसिस्को गोम्स ने कहा कि कम लागत और आधुनिक तकनीक इसे भारत के लिए बेहतर विकल्प बनाती है।