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चौथी बार राष्ट्रपति बनेंगे लूला: पीएम मोदी ने दी बधाई, भारत-ब्राजील साझेदारी के लिए क्यों अहम है जीत?

Mon, 26 Oct 2026 12:29 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने दूसरे चरण के चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथा कार्यकाल हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
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भारत के साथ व्यापार 2030 तक 30 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में शानदार वापसी करते हुए चौथी बार जीत हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उन्हें बधाई दी और कहा कि वह भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
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लूला ने रविवार को हुए दूसरे चरण के चुनाव में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया। ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (टीएसई) के मुताबिक, सभी मतदान केंद्रों पर मतगणना पूरी होने के बाद लूला को 51.8 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.2 प्रतिशत वोट हासिल हुए। दोनों के बीच करीब 44 लाख मतों का अंतर रहा।

क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है लूला की जीत?
लूला की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि चार अक्तूबर को हुए पहले चरण में वह फ्लावियो बोल्सोनारो से पीछे रह गए थे। इसके बावजूद उन्होंने दूसरे चरण में वापसी करते हुए जीत दर्ज की। करीब चार दशक पहले प्रत्यक्ष चुनाव बहाल होने के बाद यह पहला मौका है, जब पहले चरण में दूसरे स्थान पर रहने वाला कोई उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव जीतने में सफल रहा है। लूला ब्राजील के पहले ऐसे राष्ट्रपति भी होंगे, जो चार कार्यकाल पूरे करेंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरे प्रिय मित्र, राष्ट्रपति लूला को उनकी शानदार चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। मैं भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा इसका विस्तार करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।" उन्होंने कहा, ''भारत और ब्राजील विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करते रहेंगे। दोनों देश ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और अधिक समावेशी, समानतापूर्ण तथा टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए काम करेंगे।''

भारत के ब्राजील के साथ संबंधों में आई तेजी
लूला की वापसी का असर केवल ब्राजील की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। वह पश्चिमी गोलार्ध में ब्रिक्स के प्रमुख समर्थकों में शामिल हैं। भारत ने 2026 में इस समूह की अध्यक्षता संभाली है और लूला के साथ उसके संबंधों में इस साल तेजी आई है। ऐसे में उनकी जीत से भारत के साथ सहयोग जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, ब्राजील की संसद में कमजोर स्थिति, अर्थव्यवस्था की चुनौतियां और अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव लूला के सामने मुश्किलें भी पैदा कर सकते हैं।

पहले चरण में पिछड़ने के बाद लूला की वापसी
तीन सप्ताह पहले तक लूला की राजनीतिक स्थिति कमजोर मानी जा रही थी। चार अक्टूबर को पहले चरण के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत मत हासिल हुए थे। दोनों के बीच करीब 22 लाख वोटों का अंतर था। फ्लावियो, जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। पहले चरण में उनकी बढ़त ने चुनावी सर्वेक्षणों को भी गलत साबित कर दिया था।

पहले चरण के नतीजों के बाद वित्तीय बाजारों में तेजी देखी गई। ब्राजील का इबोवेस्पा शेयर सूचकांक अगले कारोबारी दिन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। दूसरे चरण से पहले हुए कई सर्वेक्षणों में दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला बताया गया था। कुछ सर्वेक्षणों में फ्लावियो को मामूली बढ़त दिखाई गई थी।

रविवार रात शुरुआती मतगणना के दौरान फ्लावियो आगे चल रहे थे। हालांकि, उत्तर-पूर्वी ब्राजील से नतीजे आने के बाद लूला ने बढ़त बना ली। यह क्षेत्र लंबे समय से उनका मजबूत जनाधार रहा है। पहले चरण में करीब 78.9 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो दूसरे चरण में बढ़कर लगभग 80.8 प्रतिशत हो गया। एटलसइंटेल के प्रमुख आंद्रेई रोमन ने कहा कि मतदान से दूर रहने वाले लोगों की संख्या में कमी से लूला को फायदा मिला हो सकता है। पहले चरण में मतदान नहीं करने वालों का आंकड़ा करीब 21 प्रतिशत था, जो 1998 के बाद किसी आम चुनाव में सबसे अधिक था। 

लूला के सामने क्या चुनौतियां?
राष्ट्रपति के रूप में लूला का चौथा कार्यकाल कमजोर संसदीय समर्थन के बीच शुरू होगा। चार अक्तूबर को हुए चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी (पीएल) ने 513 सदस्यीय चैंबर ऑफ डेप्युटीज में 121 सीटें जीतीं। 2022 में पार्टी के पास 99 सीटें थीं। निर्वाचन न्यायालय के आंकड़ों के मुताबिक, पीएल संसद का सबसे बड़ा दल बन गया है। दक्षिणपंथी दलों के पास करीब 276 सीटें हैं। हालांकि, संविधान में संशोधन के लिए जरूरी 308 सीटों से यह संख्या कम है।

संसद में सेंट्राओ नाम से पहचाने जाने वाले मध्य-दक्षिणपंथी दलों का समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ये दल अक्सर सरकारी पदों और बजट में हिस्सेदारी के बदले समर्थन देते हैं। लूला सरकार के सामने शुरुआती चुनौतियों में 2027 का बजट शामिल होगा। इसमें सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.5 प्रतिशत के बराबर प्राथमिक बजट अधिशेष का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय बैंक के 19 अक्तूबर को जारी साप्ताहिक फोकस सर्वेक्षण में 2026 की महंगाई दर 5.22 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। यह 4.5 प्रतिशत की निर्धारित ऊपरी सीमा से अधिक है। सर्वेक्षण में साल के अंत तक सेलिक बेंचमार्क ब्याज दर 13.25 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई थी। द रियो टाइम्स के लैटिन अमेरिका पावर इंडेक्स के अनुसार, ब्राजील का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के करीब 93 प्रतिशत के बराबर है।

भारत के लिए लूला की जीत क्यों अहम?
लूला की दोबारा जीत से भारत और ब्राजील के बीच मौजूदा साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। इस साल दोनों देशों के संबंधों में तेजी आई है। फरवरी में लूला भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे और उन्होंने एआई इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लिया था। 21 फरवरी को हैदराबाद हाउस में लूला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों देशों ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को विस्तार देने पर जोर दिया था।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, लूला की फरवरी यात्रा के दौरान सहयोग के दस प्रमुख नतीजे सामने आए थे। इनमें महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों से जुड़ा समझौता, डिजिटल तकनीक, इस्पात आपूर्ति शृंखला के लिए खनन, स्वास्थ्य नियमन, छोटे कारोबार और डाक क्षेत्र में सहयोग शामिल थे।

पीएम मोदी ने कहा था कि दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से काफी आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लूला ने इस लक्ष्य को 30 अरब डॉलर तक बढ़ाने की बात कही थी। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने 2030 तक व्यापार को कम से कम दोगुना करके 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमति जताई थी।

ब्राजील से बढ़ा भारत का व्यापार, खनिजों के सहयोग पर साझेदारी
2025 में भारत और ब्राजील के बीच व्यापार 15 अरब डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले साल की तुलना में करीब 25 प्रतिशत ज्यादा था। इससे ब्राजील के निर्यात के लिए भारत उसका दसवां सबसे बड़ा बाजार बन गया। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच व्यापार 15.07 अरब डॉलर रहा।

महत्वपूर्ण खनिजों का सहयोग इस साझेदारी का अहम हिस्सा है। ब्राजील के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दुर्लभ मृदा भंडार है, लेकिन 2025 में वैश्विक खनन उत्पादन में उसका हिस्सा एक प्रतिशत से भी कम था। भारत चीन से होने वाली आपूर्ति के विकल्प तलाश रहा है। ऐसे में ब्राजील की नीतियां भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका की भी इस क्षेत्र में दिलचस्पी है।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने मार्च में टेक्सास में एक रूढ़िवादी सम्मेलन के दौरान कहा था कि ब्राजील दुर्लभ मृदा तत्वों के लिए चीन पर अमेरिका की निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है। लूला की जीत से भारत और ब्राजील के बीच पहले से तय सहयोग की रूपरेखा जारी रहने की उम्मीद है।
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