असम विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरणों में 126 सीटों के लिए मतदान होना है। पहले चरण में 47 सीटों के लिए वोटिंग होगी। राज्य में कांग्रेस और भाजपा में कड़ी टक्कर है। दोनों पार्टियों ने असम की जनता से तमाम वादे किए हैं। मगर असम के साथ जो सबसे बड़ा मुद्दा जुड़ा हुआ है, वह है बाढ़ का। ब्रह्मपुत्र की बाढ़ से यहां हर साल तबाही मचती है। लाखों लोग प्रभावित होते हैं, कइयों की जान जाती है। ऐसे में क्या इसको लेकर वाकई कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, यह अपनेआप में बड़ा सवाल है। दरअसल, पिछले साल ब्रह्मपुत्र की बाढ़ से तकरीबन 2500 गांव डूब गए थे। सरकारी अनुमान के मुताबिक, बाढ़ से करीब 70 हजार लोग प्रभावित हुए थे और शुरुआत में ही 84 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 26 लोग जमीन खिसकने की वजह से मारे गए थे। और तो और लाखों जानवर सैलाब में बह गए। इस बार के विधानसभा चुनाव में असम की जनता को बाढ़ से निजाद दिलाना एक बड़ा व महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसी को ध्यान में रखते हुए असम के लोग शायद वोट करेंगे।
भाजपा के चुनावी वादे
- असमवासियों को बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए हमारी सरकार ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास बड़े जलाशयों का निर्माण किया जाएगा।
- ओरुनोदोई योजना के तहत 30 लाख परिवारों को प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी
- दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और आठ लाख को निजी क्षेत्र में नौकरी देने का वादा किया
- घुसपैठियों को बाहर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एनआरसी लागू किया जाएगा
- राज्य में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा
- मिशन शिशु उन्नयन : बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। बच्चों को उच्च गुणत्ता पूर्ण शिक्षा निशुल्क दी जाएगी।
- आठवीं कक्षा के बाद की छात्राओं को हम साइकिल दी जाएगी, जिससे ड्राप आउट रोक सकेंगे।
घोषणा पत्र में कांग्रेस ने दी ये पांच गारंटी
- नागरिकता संशोधन कानून को राज्य में लागू नहीं किया जाएगा।
- चाय बागानों के कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी 365 रुपये होगी।
- पांच लाख सरकारी नौकरियां और निजी क्षेत्र में 25 लाख रोजगारों का सृजन होगा।
- 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी।
- सभी महिलाओं को 2000 रुपए तक गृहणी सम्मान पेंशन।