पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में अनुशासन के नाम पर छात्राओं से भेदभाव किया जा रहा है। महिला पॉलीटेक्निक के छात्रावास में अनुशासन के नाम पर छात्राओं को मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि बगल में ही स्थित लड़कों के छात्रावास में इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।
देश की लड़कियां भले ही विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रही हों, लेकिन अभी भी उन्हें बराबरी के मुंह ताकना पड़ रहा है। शहर के महिला पॉलीटेक्निक में इसकी बानगी देखने को मिल रही है। वीरांगना झलकारी बाई महिला पालीटेक्निक के हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के लिए मोबाइल रखने और उसके प्रयोग पर प्रतिबंध है। वहीं, बगल में ही लड़कों के छात्रावास में अनुशासन के नाम पर कोई नियम नहीं है।
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं में इस प्रतिबंध का विरोध है, लेकिन वे परीक्षा के अंक प्रभावित होने के डर से इसका विरोध नहीं करती हैं। अपने कॅरियर की चिंता में छात्राएं चुपचाप भेदभाव को स्वीकारने के लिए मजबूर हैं। नाम न छापने की शर्त पर यहां अध्ययनरत कुछ छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में न सिर्फ मोबाइल प्रतिबंधित है, वहीं उनको अपनी मर्जी से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता है।