पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब लड़के की मां ने अपने घर पर एक आदमी को देखा जो उसे देखकर भाग गया। अधिकारी ने बताया कि अपने बेटे से पूछने पर उसने अपनी आपबीती बताई और उसने चाइल्ड लाइन को इसकी सूचना दी, जिसने पुलिस को सूचित किया।
एलजीबीटीक्यू समुदाय के एक मोबाइल एप पर दोस्ती करने के बाद 16 साल एक लड़के का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि कासरगोड जिले से गिरफ्तार नौ लोगों में दो सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, लड़के का उसके घर, कन्नूर और कोझिकोड जिलों सहित अन्य स्थानों पर 14 अलग-अलग पुरुषों की ओर से दो साल से अधिक समय तक यौन शोषण किया गया।
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ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब लड़के की मां ने अपने घर पर एक आदमी को देखा जो उसे देखकर भाग गया। अधिकारी ने बताया कि अपने बेटे से पूछने पर उसने अपनी आपबीती बताई और उसने चाइल्ड लाइन को इसकी सूचना दी, जिसने पुलिस को सूचित किया।
पॉक्सो के तहत 14 अलग-अलग मामले दर्ज
अधिकारी ने आगे बताया कि लड़के के बयान के आधार पर पिछले दो दिनों में आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत 14 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
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विशेष जांच टीम भी गठित
अधिकारी ने बताया कि एक पुलिस उपाधीक्षक और चार निरीक्षकों वाली एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी गठित की गई है, जो कासरगोड जिले में हुई घटनाओं से संबंधित आठ मामलों की जांच करेगी।
14 आरोपियों की उम्र 25 से 51 वर्ष के बीच
उन्होंने बताया कि शेष छह मामलों को कोझिकोड और कन्नूर जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां लड़के का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। पुलिस ने बताया कि इस मामले के 14 आरोपियों की उम्र 25 से 51 वर्ष के बीच है और उनमें से एक रेलवे कर्मचारी है।