India-China: भारत में चीन की प्रभारी राजदूत मा जिया का कहना है कि भारत और चीन दोनों देशों को सीमा की स्थिति से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी पक्ष युद्ध या टकराव नहीं चाहता है।
पूर्वी लद्दाख हो या अरुणाचल प्रदेश चीन की मंशा सीमा पर तनाव को दूर करने और स्थिति को सामान्य बनाने की नहीं लग रही है। भारत में चीन की प्रभारी राजदूत मा जिया का कहना है कि भारत और चीन दोनों देशों को सीमा की स्थिति से उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी पक्ष युद्ध या टकराव नहीं चाहता है।
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बुधवार को यहां मीडिया से बातचीत में मा जिया ने सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति को ‘बहुत ही जटिल’ बताया। उन्होंने कहा कि सीमा का मुद्दा इतिहास का हिस्सा रहा है और किसी समझौते पर पहुंचना आसान नहीं है। यही कारण है कि दोनों देश बातचीत के लिए स्थापित तंत्र और वरिष्ठ कमांडर स्तर की बैठकों के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं।
भारत में चीन के राजदूत सुन वीडांग का कार्यकाल पिछले साल अक्तूबर में ही पूरा हो गया था। उसके बाद से चीन ने अभी तक कोई राजदूत नहीं नियुक्त किया है। चीनी दूतावास में वरिष्ठ राजनयिक मा जिया ही राजदूत का प्रभार संभाल रही हैं। इससे पहले, मा जिया ने सीमा पर स्थिति को स्थिर बताया था। यह भी कहा था कि चीन और भारत के बीच स्थापित चैनलों के माध्यम से संंवाद बना हुआ है।
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चीनी राजदूत ने कहा- हम रास्ता निकाल सकते हैं
चीनी राजदूत ने कहा, हमें समस्याओं का सामना करना होगा और बातचीत करनी होगी। मुझे लगता है कि दोनों पक्षों की मंशा संबंध सुधारने की है। हमारे दोनों नेताओं के बीच पहले से ही इस पर आम सहमति है और मुझे लगता है कि हम कोई रास्ता निकाल सकते हैं।