बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा है कि गुलाबी रंग में बदली लोनार झील की स्थिति बहुत खराब और दयनीय है। अदालत ने झील और उसके आसपास के क्षेत्र के संरक्षण एवं सुरक्षा के प्रति ‘संवेदनहीन और उदासीन रवैये’ को लेकर बुलढाणा के जिलाधिकारी और लोनार निगम परिषद की खिंचाई की। न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे और न्यायमूर्ति अनिल किलोर की पीठ ने सोमवार को कीर्ति निपांकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान झील का रंग बदलने पर चिंता प्रकट की है।
पिछले महीने अदालत ने राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान को इस झील पर पर्यावरणीय प्रभाव आकलन करने का निर्देश दिया था। महाराष्ट्र के बुलढाणा में लोनार झील एक लोकप्रिय पर्यटक केंद्र है। हाल ही में इस झील का पानी गुलाबी हो गया जिससे स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि प्रकृति प्रेमी और वैज्ञानिक भी चकित हैं।