बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के मद्देनजर मामलों की सुनवाई के लिए हाईब्रिड सिस्टम (ऑनलाइन एवं अदालत कक्ष में उपस्थिति) का उपयोग करने पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाएगा।
इस महीने की शुरूआत में हाईकोर्ट की नागपुर और औरंगाबाद पीठ ने कोरोना के मामले बढ़ने के चलते मामलों की सुनवाई फिर से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये करना शुरू कर दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम ननकानी ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा दायर की गई याचिका का जिक्र करते हुए मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ से कहा कि यदि वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई का विकल्प उपलब्ध होगा तो सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश होंगे।
इस पर मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा कि अदालत ने सुनवाई की हाईब्रिड प्रणाली अपनाने के लिए सुझाव प्राप्त किया है, लेकिन इस बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति की एक आंतरिक बैठक इस हफ्ते होगी और विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर कोई फैसला किया जाएगा।