देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन में आम लोगों को सफर की अनुमति नहीं है। मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार से कहा कि सरकार कुछ ऐसा करे जिससे आम लोग भी लोकल ट्रेन से यात्रा कर सकें। क्योंकि लोगों की नौकरियां जा रही हैं। महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।
महाराष्ट्र सरकार से एक हप्ते में मांगा जवाब
बार काउंसिल ने हाईकोर्ट में अर्जी देकर सभी वकीलों को मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। बार काउंसिल का दावा है कि वह दोनों राज्यों के 1,75,000 से ज्यादा वकीलों का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ ने वकीलों द्वारा दायर एक अन्य अर्जी पर भी सरकार से जवाब मांगा है। उसमें अनुरोध किया गया है कि राज्य की उपभोक्ता अदालतों को सामान्य या ऑनलाइन, किसी भी तरीके से मुकदमों की सुनवाई करने की अनुमति दी जाए। पीठ ने कहा कि राज्य को ऐसा रास्ता निकालना होगा जिससे सामान्य लोग भी मुंबई में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकें।