महाराष्ट्र में 100 करोड़ के वसूली कांड में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में देशमुख ने अपने खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी। बता दें कि इससे पहले अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में अदालत से अपील की गई है कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। बता दें कि ईडी द्वारा अनिल देशमुख को अब तक तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है लेकिन कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त ने लगाया है रिश्वत लेने का आरोप
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर कम से कम 100 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसके आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसी के बाद ईडी ने देशमुख और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने मुंबई पुलिस के निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को मुंबई के बार और रेस्तरां से एक महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूलने को कहा था। देशमुख ने उनके वकीलों के जरिए एजेंसी को भेजे पत्र में कहा था कि एजेंसी ने 25 जून को यहां उनके परिसरों पर छापेमारी के समय ईडी जांचकर्ताओं के साथ कई घंटे की बातचीत के दौरान उनका बयान पहले ही दर्ज कर लिया है।