बॉम्बे हाईकोर्ट की पणजी बेंच ने केंद्र सरकार के उस फैसले को पलट दिया जिसमें गोवा से जुड़े नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मामलों को पुणे से दिल्ली शिफ्ट करने को कहा गया था। पर्यावरण एंव वन मंत्रालय द्वारा अगस्त में एक नोटिफिकेशन जारी करके ऐसा करने को कहा गया था जिसपर काफी विवाद भी हुआ था।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सितंबर में इस मामले पर संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट के पास 25 यचिकाकर्ताओं ने मिलकर सात जनहित याचिकाएं दायर की थीं। मंत्रालय के इस फैसले की कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विपक्ष ने भी आलोचना की थी। लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार पर कार्यकर्ताओं को तंग करने की कोशिश का आरोप भी लगाया था।
पढ़ें: NGT ने लिया बहुत बड़ा फैसला, अब जंतर-मंतर पर नहीं होगा कोई धरना-प्रदर्शन
हाईकोर्ट के फैसले को सामाजिक कार्यकर्ता एतिहासिक बता रहे हैं, कुछ का कहना है कि अब राज्य के सीएम मनोहर पर्रिकर को माफी मांगनी चाहिए। फैसला देते हुए जस्टिस गौतम पटेल ने कहा कि ऐसे वक्त में जब देश में हर जगह विवाद और संघर्ष चल रहा है गोवा कई मायनों में दयालु और सौम्य है।