मुंबई के अंगड़िया जबरन वसूली का मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस के निलंबित डीसीपी सौरभ त्रिपाठी को राहत दी है। अदालत ने त्रिपाठी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें 15 नवंबर तक गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया। त्रिपाठी पिछले 6 महीने से फरार चल रहे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सौरभ त्रिपाठी को 9 नवंबर को पूछताछ के लिए जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का भी आदेश दिया।
इसी साल मार्च में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जबरन वसूली के मामले में पुलिस इंस्पेक्टर ओम वांगटे को गिरफ्तार किया था। लोकमान्य तिलक मार्ग थाने के इंस्पेक्टर वांगटे पर अंगड़िया से रंगदारी वसूलने का आरोप था। इसी के साथ वांगटे ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी। क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने 19 फरवरी को पीआई नितिन कदम और पीएसआई समाधान जामदादे को गिरफ्तार किया था।
मार्च में ही अंगड़िया वसूली मामले में मुंबई के वांछित डीसीपी सौरभ त्रिपाठी की हवाला की रकम लेने के आरोप में लखनऊ में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस की एक टीम ने यह गिरफ्तारी की थी। मुंबई पुलिस ने बताया कि पुलिस उपायुक्त सौरभ त्रिपाठी इस मामले में आरोपी हैं। पता चला था कि उसकी हवाला की रकम यूपी के लखनऊ में किसी ने ली है।