बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एल्गार परिषद में एक आरोपी सुधा भारद्वाज जो डिफॉल्ट जमानत दे दी। अधिवक्ता-कार्यकर्ता भारद्वाज को अदालत ने तकनीकी खामी के आधार पर जमानत दी है लेकिन समान आधार पर दायर की गई आठ अन्य लोगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। भारद्वाज को अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था।
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न्यायाधीश एसएस शिंदे और एनजे जामदार की पीठ ने कहा कि सुधा भारद्वाज इस तरह की जमानत की हकदार हैं और इससे इनकार करने का मतलब संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिए गए जीवन और निजी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करना होगा। बता दें कि सुधा भारद्वाज फिलहाल बायकुला महिला कारावास में बंद हैं।
पीठ ने निर्देश दिया कि भारद्वाज को आठ दिसंबर को एनआईए की विशेष अदालत के सामने पेश किया जाए। यहां उनकी जमानत की शर्तें तय की जाएंगी और रिहाई को अंतिम रूप दिया जाएगा। बता दें कि भारद्वाज इस मामले में गिरफ्तार 16 कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों में ऐसी पहली आरोपी हैं जिन्हें तकनीकी खामी के चलते जमानत दी गई है।