मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एएस किलोर की एकल पीठ ने सचिन अंदुरे, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, अमित बद्दी, भरत कुराणे और वासुदेव सूर्यवंशी की जमानत दे दी। इन आरोपियों को साल 2018 से 2019 के बीच गिरफ्तार किया गया था।
सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक गोविंद पनसारे की हत्या के छह आरोपियों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इन आरोपियों को लंबी कैद के आधार पर बुधवार को जमानत दे दी। गौरतलब है कि साल 2015 में पनसारे की हत्या कर दी गई थी।
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इन आरोपियों को दी गई जमानत
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एएस किलोर की एकल पीठ ने सचिन अंदुरे, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, अमित बद्दी, भरत कुराणे और वासुदेव सूर्यवंशी की जमानत दे दी। इन आरोपियों को साल 2018 से 2019 के बीच गिरफ्तार किया गया था। तब से सभी आरोपी जेल में बंद थे। जस्टिस एएस किलोर ने कहा, मैं लंबी कैद को आधार मानते हुए इन आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर कर रहा हूं। एक अन्य आरोपी वीरेंद्र सिंह तावड़े की जमानत याचिका पर अलग से सुनवाई होगी।
दोनों शूटर अब भी फरार
वर्ष 2015 में 82 वर्षीय पनसारे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पनसारे पर जानलेवा हमला तब किया गया था, जब वह पत्नी के साथ सुबह की सैर के बाद घर लौट रहे थे। शुरुआत में सीआईडी मामले की जांच कर रही थी और उसने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। अगस्त, 2022 में इस मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस को सौंप दी गई थी। पनसारे हत्याकांड में अब तक 12 में से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि पनसारे को गोली मारने वाले शूटर अब भी फरार हैं।