बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को सशर्त जमानत दे दी।
अदालत द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर भुजबल को पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने पेश होना होगा। न्यायमूर्ति पी. एन. देशमुख ने भुजबल को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया।
बता दें कि भुजबल ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत के लिए इस साल जनवरी में हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि उनको हिरासत में रखे जाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर, 2017 में एक विशेष पीएमएलए अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पूर्व लोक निर्माण मंत्री भुजबल और उनके सहयोगियों पर कथित तौर पर पद का दुरुपयोग किए जाने और राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के खुलासे के बाद ईडी ने उन्हें मार्च, 2016 में गिरफ्तार किया था।