एल्गार परिषद माओवादी लिंक मामले में एक आरोपी वारावरा राव को चिकित्सकीय आधार पर दी गई जमानत की अवधि बढ़ा दी गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को कवि और कार्यकर्ता राव की जमानत की अवधि को तीन मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया है।
82 वर्षीय राव को हाईकोर्ट से स्वास्थ्य आधार पर पहली बार जमानत फरवरी 2021 में छह माह के लिए मिली थी। उन्हें मुंबई न छोड़ने के लिए भी कहा गया था। इसके बाद उन्होंने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए और फिर स्थाई जमानत के लिए आवेदन किया था।
सितंबर 2021 से अदालत उन्हें आत्मसमर्पण के लिए दिया गया समय कई बार बढ़ा चुकी है। शनिवार को राव के वकीलों ने न्यायाधीश एसबी शुकरे और एएम बोरकर की खंड पीठ के सामने उनकी जमानत अवधि बढ़ाने के लिए ताजा याचिका का उल्लेख किया।
राव ने याचिका में कहा है कि मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार मुझे एसिम्टोमैटिक (बिना लक्षण के) पार्किंसन की बीमारी, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हैं और मैं पेट के गंभीर दर्द से भी पीड़ित हूं। उन्होंने जमानत के लिए मुंबई न छोड़ने की शर्त में बगलाव का अनुरोध भी किया।
उन्होंने अनुरोध किया कि मुझे अपने गृह राज्य तेलंगाना जाने की अनुमति दी जाए। अदालत ने उनके आत्मसमर्पण की तारीख तीन मार्च तक बढ़ाते हुए कहा कि हम एक मार्च को याचिका पर सुनवाई करेंगे। राव के अलावा कई अन्य कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए हैं।